बीएसएनएल के दफ़्तर में बंधक बनाकर किया दुष्कर्म
भोपाल। बीएसएनएल के दफ़्तर में दो युवतियों को बंधकर बनाकर उनसे जबरदस्ती करने के आरोप में पुलिस ने एक अधेड़ को हिरासत में लिया है। बंधक बनाकर रखी गई युवतियों ने पुलिस को बताया है कि आरोपी उन्हें अब तक जादू-टोने का भय दिखाकर प्रताड़ित करता रहा। आरोपी पॉंच बच्चों का पिता है और युवतियों के मोहल्ले में ही रहता है।
पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि बीती रात किसी ने विÙल माकेoट के बीएसएनएल दफ़्तर से लड़कियों के रोने की आवाज सुनकर पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इस पर हबीबगंज थाने के चीता-91 व महिला पुलिस अधिकारी जब मौके पर पहुॅंचे तो वहॉं से दो नव युवतियॉं डरी सहमी बाहर आईं। पूछताछ में इसमें से एक युवती ने बताया कि नर्मदा भवन के पास रहने वाला 42 वर्षीय शफीक अहमद पिछले चार महीने से उनके साथ जबरदस्ती कर रहा है। युवतियों ने बताया कि बीती रात उसने उन दोनों को एक शादी समारोह में चलने का झॉंसा देकर बुलाया और उन्हें बीएसएनएल के दफ़्तर ले आया। वहॉं उसने इसमें से एक के साथ जबरन दुष्कृत्य किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि आरोपी शफीक एयरकंडीशनर सुधारने का काम करता है और बीएसएनएल के इलेक्टि[ीशियन ठेकेदार द्वारा दैनिक मजदूरी पर रखा गया है। पुलिस के मुताबिक शफीक युवतियों को जादू-टोने का भय दिखाकर उनकी जुबान बंद रखता था। दो में से एक युवती नाबालिग है।
कैसी मिली दफ़्तर की चाबी?
पुलिस के मुताबिक अभी मामले की आगे जॉंच में इस बात की पड़ताल की जाएगी कि आरोपी को दफ़्तर की चाबी कैसे मिली? आरोपी जब दो युवतियों को लेकर दफ़्तर के भीतर गया तो वहॉं मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उन्हें क्यों नहीं रोका। ऐसे ही कई सवाल हैं जो मामले को पेचीदा बना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे। नप्र:
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लूट जोड़
भोपाल।
:16 अप्र्रैल सुबह 6.45 बजे राजीव नगर बी सेक्टर एमआईजी-52 निवासी 52 वर्षीय उमा सिंह से आकाश ऐवेन्यू के पास चेन झपटी
:इसी दिन सुबह 10.30 बजे माचना कॉलोनी के बी-2 मे रहने वाली 40 वर्षीय ममता नेमा से शिवानी कांपलेक्स के सामने चेन झपटी
:इसी दिन शाम 7.30 बजे गौतम नगर में 70 वर्षीय श्ाीला माथूर से पार्क के पास बाइक सवार बदमाश ने चेन झपटी
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:10 अप्रैल की रात 8 बजे शिवाजी नगर के मकान नंबर एफ 119/25 में रहने वाली डॉ. कीिर्त डाले पति डॉ. हरीश्ा डाले से बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को हबीबगंज में ई-5/ 117 में रहने वालीं 51 वर्षीय हेमलता सुराना से सुबह 7.45 बजे बाइक सवार ने झपटी चेन
11 अप्रैल को ही रात 8.30 बजे कोहेफिजा के डी-10 में रहने वालीं राजकुमारी बाफना के गले से बाइक सवार चेन ले उड़ा।
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लोफ़्लोर न चलाएं अभी
भोपाल। एयरकंडीशन्ड बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़के ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक ही नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने का भी यह प्रमुख कारण रहा है।
यातायात महकमे की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गड्ढे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने से पहले यातायात महकमे से मशविरा करना चाहिए था।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
शहर की चौड़ी सड़कों पर बड़ी बसें चलाएं
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
सड़क से ऊंचाई :
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गड्ढे
स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर ऊंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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बेहतर होगा कि इतनी तादाद में लक्जरी बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले । यातायात की जिम्मेदारी
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25 अप्रैल
मॉं के कमरे में घुसे बदमिजाज को बेटों ने जमकर धूना
भोपाल। गुनगा के पास रायपुर गॉंव के एक बदमिजाज आदमी को किसी अजनबी के घर बुरी नियत से घुसना महंगा पड़ गया। मॉं और बेटों ने मिलकर उस बदमिजाज को डंडे और पत्थरों से तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इस सबके बीच गॉंव का कोई आदमी उसे छुड़ाने भी नहीं आया। पुलिस ने मॉं-बेटों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है।
गुनगा पुलिस के मुताबिक रायपुर गॉंव में रहने वाला राधेश्याम दांगी रसिकमिजाज है। उसके कई महिलाओं से अंतरंग संबंध है। 24 अप्रैल की रात को वह गॉंव में ही रहने वाली कलाबाई पति स्व. बालमुकूंद के सोने के कमरे में छुपकर बैठ गया। जब राधेश्याम महिला के घर घुसा तब वह अपनी बहु और बेटों के साथ उनके चौके में थी। लेकिन इसी बीच घर की एक बहु को सास के कमरे से कुछ आवाज आई तो उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और अपने पति को बताया। कलाबाई के दोनों बेटों रमेश और सुरेश प्रजापति ने जब दरवाजा खोलकर देखा तो उनकी मॉं के कमरे में राधेश्याम छुपा बैठा था। दोनों बेटों से राधेश्याम का आचरण छिपा न था। अपनी मॉं के कमरे में ऐसे बदमिजाज आदमी को पाकर दोनों बेटों ने आक्रोश में अपनी मॉं के साथ उसे लाठी और पत्थरों से तब तक मारा जब तक राधेश्याम बेहोश नहीं हो गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने घायल राधेश्याम को हमीदिया में भर्ती करवा दिया और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है। बताया जाता है कि राधेश्याम की हालत गंभीर है। हालांकि गॉंव में भी राधेश्याम के प्रति सहानुभूति नहीं है। दूसरी
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मॉं के कमरे में घुसे बदमिजाज को बेटों ने जमकर धूना
भोपाल। गुनगा के पास रायपुर गॉंव के एक बदमिजाज आदमी को किसी अजनबी के घर बुरी नियत से घुसना महंगा पड़ गया। मॉं और बेटों ने मिलकर उस बदमिजाज को डंडे और पत्थरों से तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इस सबके बीच गॉंव का कोई आदमी उसे छुड़ाने भी नहीं आया। पुलिस ने मॉं-बेटों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है।
गुनगा पुलिस के मुताबिक रायपुर गॉंव में रहने वाला राधेश्याम दांगी रसिकमिजाज है। उसके कई महिलाओं से अंतरंग संबंध है। 24 अप्रैल की रात को वह गॉंव में ही रहने वाली कलाबाई पति स्व. बालमुकूंद के सोने के कमरे में छुपकर बैठ गया। जब राधेश्याम महिला के घर घुसा तब वह अपनी बहु और बेटों के साथ उनके चौके में थी। लेकिन इसी बीच घर की एक बहु को सास के कमरे से कुछ आवाज आई तो उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और अपने पति को बताया। कलाबाई के दोनों बेटों रमेश और सुरेश प्रजापति ने जब दरवाजा खोलकर देखा तो उनकी मॉं के कमरे में राधेश्याम छुपा बैठा था। दोनों बेटों से राधेश्याम का आचरण छिपा न था। अपनी मॉं के कमरे में ऐसे बदमिजाज आदमी को पाकर दोनों बेटों ने आक्रोश में अपनी मॉं के साथ उसे लाठी और पत्थरों से तब तक मारा जब तक राधेश्याम बेहोश नहीं हो गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने घायल राधेश्याम को हमीदिया में भर्ती करवा दिया और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है। बताया जाता है कि राधेश्याम की हालत गंभीर है। हालांकि गॉंव में भी राधेश्याम के प्रति सहानुभूति नहीं है। दूसरी
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लैलाओं के फेर में मजनू बन गया चोर
भोपाल। अपनी गलoफ्रेण्ड को खुश रखने और महंगे होटलों में खाने-ठहरने की आदत ने एक होनहार छात्र को शातिर चोर बना दिया। राजधानी पुलिस के हत्थे चढ़े 24 वर्षीय बाइक चोरी के आरोपी की यही कहानी है। हद तो ये है कि चोरी की गाड़ियों के साथ पकड़े जाने पर भी आरोपी को कोई मलाल नहीं है। उसने पुलिस को बताया है कि ज्यादा से ज्यादा गलoफे्रण्ड बनाकर उनके साथ `एंजॉय´ करने के लिए ही वह बाइक चुराता था।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक निशातपुरा के गली नंबर 54 के मकान नंबर 100 में रहने वाले संजय अहिरवार पिता महेश्ा कुमार ने दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद भी वह पढ़ाई में अव्वल बना रहा। लेकिन समय के साथ उसे ज्यादा से ज्यादा गलoफे्रण्ड बनाने का शौक हुआ। गलoफे्रण्ड के साथ महंगे होटलों में डेटिंग करना और महंगी शराब पीना युवक के शौक में शुमार हो गया। महिला मित्रों के लिए रुपया खर्च करने का फितूर सर पर ऐसे चढ़ा कि कैरियर और मॉ-बाप किसी की परवाह नहीं रह गई। छात्र के पिता नरसिंहगढ़ में शासकीय सेवा में पदस्थ हैं।
आखिर एक दिन खुल गया राज:
संजय एक दिन पिपलानी थाना क्षेत्र में एमपी-04 जी-9345 हीरो होण्डा स्पलेण्डर पर घूमता मिला तो पुलिस ने चेकिंग के दौरान उससे संबंधित बाइक के दस्तावेज मॉंगे। क्राइम ब्रांच ने जब युवक से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने बताया कि वह अपनी गलoफे्रण्ड को इंपे्रस करने के लिए बाइक चुराता है। पुलिस ने संजय के घर से कुल 9 बाइक बरामद की है। बरामद बाइक की कीमत ढ़ाई लाख रुपए बताई गई है। ये बाइक पिपलानी, गोविंदपुरा, बिलखिरिया, कोहेफिजा, मंगलवारा व एमपी नगर से चोरी होना पाई गई है। पुलिस के समक्ष आरोपी ने कुल 16 वाहनों की चोरी कबूली है लेकिन अभी 7 वाहनों की बरामदगी नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक आगे पूछताछ में इस बात का पता किया जाएगा कि उसने बाकी की बाइक कहॉं और किसे बेची? संजय ने पुलिस को बताया है कि वह ऐसे स्थान से बाइक चुराता था जहॉं लोग नशे में होते थे। इसके लिए वह मास्टर चाबी का इस्तेमाल करता था। बरामद बाइक में पल्सर, अपाचे, सीवीजी व स्पलेण्डर शामिल है। नप्र:
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सेवानिवृत्त बैंककर्मी के गले से झपटी चेन
आधे घंटे में दो शिकार
भोपाल। काली बाइक पर सवार नकाबपोश लुटेरे ने महिलाओं का सड़क पर निकलना दुभर कर दिया है। रविवार की सुबह सैर पर निकली दो महिलाओं के गले से चेन झपटकर सनसनी फैला दी। लूटेरे ने पहले 6.45 पर गौतम नगर में और 7.15 बजे एमपी नगर के रण्ाथंबौर कांपलेक्स के पास इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों मामलों में पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है।
गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक गौतम नगर में एफ/126 में रहने वाली 59 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुनेत्रा काने पति एसजी काने रोजाना की तरह रविवार को भी सुबह की सैर पर निकली। लेकिन सुबह 6.45 बजे जब वह अपने घर के सामने टहल रही थी तभी बाइक सवार एक बदमाश उनके गले से सोने की चेन उड़ा ले गया। सुनेत्रा ने पुलिस को बताया है कि लुटेरा हरे रंग की टीशर्ट और भूरे रंग का पेंट पहने था। वह मुँह पर सफेद कपड़ा बांधे हुए था। सुनेत्रा बदमाश की बाइक का नंबर नहीं देख पाई। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला दर्ज़ कर लिया है।
रणथंबौर कांपलेक्स के पास किया दूसरा शिकार:
पहली घटना के ठीक आधे घंटे बाद रणथंबौर कांपलेक्स के 3/14 में रहने वाली ऊषा शर्मा पति एसबी शर्मा को भी रविवार को सुबह की सैर महंगी पड़ गई। सुबह 7 बजे जब वह अपने घर से नजदीक ही रेलवे ट्रेक के किनारे की सड़क पर टहल रही थी तभी एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश आया और उसने उनके गले से सोने की चेन झपट ली। इससे पहले की महिला कुछ समझ पाती लुटेरा फरार हो गया। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है। उल्लेखनीय है कि राजधानी पुलिस काली बाइक और नकाब वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने की बात कर रही है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है।
लूट जोड़
पिछले 10 दिनों में लूट की मुख्य वारदातें:
:16 अप्र्रैल सुबह 6.45 बजे राजीव नगर बी सेक्टर एमआईजी-52 निवासी 52 वर्षीय उमा सिंह से आकाश ऐवेन्यू के पास चेन झपटी
:इसी दिन सुबह 10.30 बजे माचना कॉलोनी के बी-2 मे रहने वाली 40 वर्षीय ममता नेमा से शिवानी कांपलेक्स के सामने चेन झपटी
:इसी दिन शाम 7.30 बजे गौतम नगर में 70 वर्षीय शीला माथूर से पार्क के पास बाइक सवार बदमाश ने चेन झपटी
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:10 अप्रैल की रात 8 बजे शिवाजी नगर के मकान नंबर एफ 119/25 में रहने वाली डॉ. कीिर्त डाले पति डॉ. हरीश्ा डाले से बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को हबीबगंज में ई-5/ 117 में रहने वालीं 51 वर्षीय हेमलता सुराना से सुबह 7.45 बजे बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को ही रात 8.30 बजे कोहेफिजा के डी-10 में रहने वालीं राजकुमारी बाफना के गले से बाइक सवार चेन ले उड़ा।
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युवक से सरेराह पर्स लूटने वाले गिरफ़्तार
भोपाल। एमपी नगर में चार दिनों पहले एक युवक से सरेराह उसका मोबाइल और पर्स झपटने वाले बदमाशों को एमपी नगर पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल और पर्स के साथ लूट में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है।
एमपी नगर पुलिस के मुताबिक भानपुर के सबरी नगर में रहने वाले 33 वर्षीय राजेश पुत्र धन्नालाल लखेरा, 33 वर्षीय राकेश पुत्र सत्यनारायण रैकवार और 24 वर्षीय सुनील पिता हलके प्रसाद विश्वकर्मा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक क्रमांक एमपी-04 एमएफ-1651 एवं लूटा गया पर्स और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीनों आरोपी पहली बार आपराधिक वारदात में शामिल हैं। ये भी बताया गया है कि आरोपी मजदूरी का काम करते हैं और घटना के दिन वे अपना काम खत्म करके अपने घर वापस जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि 16 तारीख की रात को कमलेश नाम का युवक जब रात 11.30 बजे 1250 इलाके में स्थित अपने भाई के घर जा रहा था तब तीन बदमाशों ने रास्ता रोककर उससे उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया था। कमलेश ने पुलिस को बदमाशों की बाइक का नंबर भी बताया था। जिसकी वजह से पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में मदद मिल सकी। लूट के आरोपियों को पकड़ने में चेतक-4 के प्रताप सिंह राजपुत और मिथिलेश कुखूब मदद मिली।घटना स्थल के दिन सूनसान सड़क पर अकेले युवक को मोबाइल पर बात करता देख इन्होंने उससे मोबाइइन्होंनेलूट की के माध्यम से उन तक पहुँच सकीमारात को ं
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सुखीसेवनिया पुलिस के मुताबिक टाटा सूमो क्रमांक एमपी-40 डी-0346 मंगलवार सुबह मंडलेश्वर से लौट रही थी। इसमें शर्मा परिवार के लोग एवं उनके रिश्तेदार सवार थे। सुबह 5.30 बजे के लगभग फेमस ढाबे के पास सूमो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि उसमें सवार दो लोगो की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में विदिशा के तिलक चौक में रहने वाले 50 वर्षीय संतोष व्यास और 40 वर्षीय रमाकांत दुबे शामिल हैं। इसमें ऊषा शर्मा, जगदीश शर्मा, इनकी बेटी श्र°ा शर्मा, दामाद दीपक शर्मा, यामिनी शर्मा एवं बेटा उज्जवल शर्मा गंभीर रुप से जख्मी हो गए। घटना के बाद सूमो का ड्रायवर संतोष फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक सभी लोग उ\'ापन के लिए मंडलेश्वर गए हुए थे। जब वे वापस लौट रहे थे, तब ये घटना घटी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों को हमीदिया में भर्ती किया गया है। नप्र:
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अपर आयुक्त के खिलाफ भेदभाव की शिकायत
भोपाल। नगर निगम के एक अधिकारी के खिलाफ निगम के ही एक उपयंत्री ने जाति के आधार पर भेदभाव करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उपयंत्री ने इस आशय का एक शिकायत पत्र अजाक्त थाने को दिया है। हालांकि अभी थाने में प्रकरण पंजीब° नहीं हुआ है।
अजाक्स पुलिस के मुताबिक उपयंत्री अनिल चटवाने ने शिकायत की है कि निगम के अपर आयुक्त अरविंद दुबे उन्हें नीचली जात का मानकर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। अनिल ने शिकायत में अपरआयुक्त पर आरोप लगाया है कि वरीष्ठता क्रम में उसका नंबर आने पर भी असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर उसे पदोन्नति नहीं दी गई। उसके स्थान पर किसी सामान्य श्रेणी के उपयंत्री को इस पद पर पदोन्नत किया गया। अनिल ने शिकायत में ये भी कहा है कि विधानसभा चुनावों के दौरान उसे बखाoस्त किया गया था लेकिन अब तक बहाल नहीं किया गया। जबकि इसी अवधि में बखाoस्त सामान्य वर्ग के अन्य लोगों को बहाल कर दिया गया। उपयंत्री ने शिकायत में अपरआयुक्त पर अपना 4 माह की वेतन रोकने का भी आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि परीक्षण के उपरांत मामला दर्ज़ किया जाएगा। उपयंत्री से पुलिस ने पदोन्नति में भेदभाव से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। चुनाव ड्यूटी के चलते 24 अप्रैल को पुलिस ने उपयंत्री को बयान लेने के लिए तलब किया है। जॉंच की जइसके अलावा निम्न जाति का होने के कारण ही उसे पदोने उनके साथ भेदभावपूर्ण व्आरोप करतेइसमें आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने उन्हें नीची जाति का कहकर
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घटना के वक्त कहॉं थे बीएसएनएल खुद कराएगा कर्मचारियों कह कर्मचारी
फॉलोअप
भोपाल। वित्थल मार्केट के बीएसएनएल के दफ़्तर में बंधक बनाई गई युवतियों को जब पुलिस ने मुक्त कराया तब दफ़्तर में मौजूद कर्मचारी और गार्ड कहॉं गायब हो गए थे। इस बात की जॉच बीएसएनएल की विजिलेंस शाखा करेगी। मंगलवार को पुलिस ने बीएसएनएल के 3 वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर उन्हें विजिलेंस से जॉंच कराने की सलाह दी।
हबीबगंज पुलिस इस बात का दावा कर रही है कि जब छापा मारा गया तब दफ़्तर में शफीक और दो युवतियों के अलावा केवल स्वीच रुम में एक अधिकारी था। यह स्वीच रुम तीसरे तल पर है। ऐसे में पुलिस ने विजिलेंस से कहा है कि वह खुद जॉच कर यह बताए कि घटना के दिन दफ़्तर का गार्ड कहॉं था। पुलिस के मुताबिक घटना के एक महीने पहले से वहॉं गार्ड मौजूद नहीं है। पुलिस का कहनाहै कि उनके पास दफ़्तर में युवतियों के साथ किसी पुरुष के होने की पक्की जानकारी थी इसी कारण पुलिस ने वहॉं छापा मारा था। इसके अलावा पुलिस ने ठेककेदार से भी यह पूछा है कि शफीक के पास दफ़्तर की चाबी कैसे आई और घटना के दिन गार्ड कहॉं था। सूत्रों का तो ये भी कहना है कि खुद शफीक ही दफ़्तर में गार्ड की भूमिका निभाता था। घटना के अगले दिन वहॉं नए गार्ड को तैनात कर दिया गया है। नप्र:
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गुमशुदा बच्चों का फॉलोअप
भोपाल। घर के पास ही एक मंदिर में भंडारे में शिामल होने गया शालू ढ़ाई महीने हो गए, घर नहीं लौटा है। अपने इकलौते बेटे की याद में मॉं-बाप का बुरा हाल है। शालू की बहनें भी अपने भाई के लिए परेशान हैं। पिताजी तो मजबूरी में धंधे काम से लगे हैं पर मॉं का मन है कि मानता नहीं। वह पंडे-पूजारी के पास दूर-दूर तक अपने बेटे का पता पूछने चली जाती है।
निशातपुरा के हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी के एच-1218 में रहने वाले सेन परिवार पर तो जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता मोहनलाल और मॉं गीताबाई सेन का यह इकलौता चिराग 1 फरवरी से घर से लापता है। मोहनलाला करोंद के पास एक सेलून में काम करते हैं। उस दिन शालू अपने पिता के पास घर से टिफिन लेकर गया था। पिताजी ने उसे 27 रुपए दिए थे। 20 रुपए सब्जी के लिए, 5 रुपए छोटी बहन की कॉपी के लिए और 2 रुपए उसे चाकलेट खाने को। टिफिन लेकर शालू घर पहुॅंचा और उसने अपनी मॉं से पास के मंदिर में भंडारे में जाने की बात कहकर घर से निकला। जब देर शाम तक वह नहीं लौटा तो फिर घरवालों की चिंताएं बढ़ गईं। लेकिन खूब पता करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। शालू की मॉं अपने इकलौते चिराग का पता लगाने दूर-दूर पंडे-पूजारी के पास जा रही है। किसी ने शालू के उज्जैन में होने की बात कही थी तो मॉं-बाप दोनों 5 दिनों तक उज्जैन में ठहरे लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चला। शालू की तीन बहनें है। बड़ी बहन सोनिया 12वीं कक्षा में, दूसरी मोनिका 9वीं में और
मुंबई से आया था फोन:
शालू के गुम होने के दो महीने के बाद उनके मोबाइल नंबर 9981811446 पर एक फोन आया। यह फोन 02269537945 नंबर से आया। सोनिया कहती है कि फोन पर उसने पूछा कि उन्हें किससे बात करनी है तो जवाब मिला की तुमसे। लेकिन जब दोबारा हमने उसी नंबर पर फोन किया तो पता चला कि वह नंबर पिब्लक टेलीकॉम बूथ का है। सोनिया ने बताया कि उनका मुंबई में कोई रिश्तेदार नहीं है, कोई जान-पहचान वाला भी नहीं है। सोनिया को आशंका है कि कोई उसके छोटे भाई को अपने साथ जबरन मुंबई ले गया।
बाद पुलिस ने
हलषष्ठी के दिन लापता हुआ शालू:
शालू की बड़ी बहन सोनिया बताती है कि जिस दिन वह गया उस दिन हलषष्ठी थी। हलषष्ठी के दिन माता अपने बेटे की दीघाoयू के लिए प्रार्थना करती है। पिताइस दिन वह अपने पिताजी कको घर के पास हमें रहने वाला शालू 1 फरवरी से घर से लापता है।घर के अन्य सदस्यों अपनी ऑख के तारे के लिए परेशान है। शालू तीन बहनों का इकलौता भाई है। पिताजी तो धंधे काम मजबूरी में ले सेन परिवार का इकलौता बेटा का घर के घर में मा
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सरेराह चेन झपटने की कोशिश
भोपाल। राजधानी में लुटेरों का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को मनीषा कांपलेक्स के सामने एक अज्ञात बदमाश ने फिर एक राह चलती महिला के गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मनीषा कांपलेक्स में रहने वाली प्रतिभा पति अरुण भार्गव सुबह 9 बजे कोई सामान खरीदने के लिए माकेoट तक आई हुई थी। जब वह माकेoट से वापस अपने घर लौट रही थी, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात बदमाश ने महिला के गले से चेन झपटने की कोशिश की। हालांकि महिला की समझदारी से बदमाश अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो सका। महिला ने पुलिस को बताया है कि बदमाश की उम्र 16-17 साल के बीच थी। वह पैदल था और चेन झपटने में नाकाम रहने पर तेजी से वहॉं से फरार हो गया। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि थाने में इस आशय की कोई सूचना नहीं है।
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अब आईएएस अधिकारी की पत्नी से झपटी चेन/ पुराने मामले डालें
सुबह से शाम तक तीन लूट 25 अप्रैल की घटना है।
भोपाल। राजधानी में पुलिस की सुस्ती देख लुटेरे बैखौफ गए हैं। शुक्रवार की सुबह अपने घर के सामने टहल रही एक आईएएस अधिकारी की पत्नी के गले से लुटेरों ने चेन झपटकर सनसनी फैला दी। इसके बाद शाम को एटीएम से पैसा निकालकर बाहर निकली महिला को बदमाशों ने एटीएम के बाहर घेरकर 11 हजार की नगदी छीन ली। तीसरी घटना में बदमाश एक के जेब से नगदी उड़ाकर फरार हो गए।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक अरेरा कॉलोनी में ई-1/ 35 में आईएएस अधिकारी पंकज ि°वेदी का निवास है। वह हैदराबाद में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी नीरजा रोजाना की तरह आज भी सुबह जल्दी उठकर अपने घर के सामने टहल रही थी। उनके साथ उनका कुत्ता भी था। तभी पीछे से काले रंग की करिज्मा बाइक पर आया अज्ञात बदमाश उनके गले से दो सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। नीरजा ने पुलिस को बताया है कि लुटेरा पीछे से आया और उसने गले से दोनों चेन उ़ड़ा ली। उन्होंने पुलिस को ये भी बताया है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद ई-2 की तरफ भागा। लूटी गई चेन की कीमत 60 हजार रुपए बताई गई है। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है।
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एटीएम के बाहर महिला से लूटे 10 हजार
हबीबगंज में 10 नंबर स्टॉप के पास एक एटीएम से पैसा निकालकर बाहर निकली महिला से बदमाशों ने भरे बाजार में 11 हजार रुपए छीन लिए। खबर है कि इनमें एक को लोगों ने मिलकर पकड़ लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक दुर्गानगर के 217 नंबर मकान में रहने वाली जानकी बाई थाने के पास 10 नंबर स्टॉप के एटीएम से पैसे निकाल रही थी। जब वह एटीएम के भीतर थी, तभी बाहर खड़ा लड़का दरवाजा खटखटाकर उसे जल्दी बाहर आने का कहने लगा। जैसे ही वह बाहर आईं, वहॉं चार लोगों ने उसे घेर लिया और 11 हजार रुपए छीन लिए। महीला की चीख पुकार सुनकर लोगों ने चार में से एक बदमाश को दबोच लिया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर लूट का मामला तो कायम कर लिया है लेकिन लुटेरे के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की है।
जेब से उड़ा दी नगदी:
हबीबगंज में ही ओल्ड कैंपियन मैदान के पास एक कार सवार को मिले एक्टिवा सवार दो बदमाशों ने उनसे नगदी 700 रुपए छीन लिए। लूट का शिकार हुए रिलायंस के डिप्टी मैनेजर की पुलिस ने शिकायत तक नहीं लिखी। पुलिस ने इस मामले में आवेदन लेकर जॉंच कराने की बात कहकर लूट पर परदा डालने की कोशिश कर रही है। इस लूट से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मानसरोवर के रिलांयस दफ़्तर में डिप्टी मैनेजर (ऑपरेशन) धर्मेन्द्र परिहार अपने बॉस के साथ कार क्रमांक एमपी-04 सीवी-5980 से ओल्ड कैंपेन मैदान आ रहे थे। जब वे जा रहे थे तभी एक्टिवा सवार दो युवकों ने उनकी कार को ठोकर मार दी। इस पर धर्मेन्द्र ने उनसे कार में आई खरोंच को दुरुस्त करवाने की बात कही। इस पर एक युवक को गाड़ी में बैठकार धर्मेन्द्र माई कार के वर्कशॉप ले आए। दूसरा युवक अकेले एक्टिवा से आया। जब दोनों वर्कशाप पर पहुॅंचे तभी कार में साथ आए एक युवक ने धर्मेन्द्र की जेब से 700 रुपए झपट लिए और फरार हो गया। दूसरी तरफ उसका दोस्त गाड़ी स्टार्ट किए हुए था। दोनों वहॉं से फरार हो गए। धर्मेन्द जब इस मामले की शिकायत कराने पहुंचे तो पहले तो हबीबगंज ने वारदात दूसरी थाना क्षेत्र में होने की बात कहकर टाल दिया लेकिन जब धर्मेन्द्र जहॉंगीराबाद पहुंचे तो वहॉं भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। यहॉं भी पुलिस ने आवेदन लेकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस धर्मेन्द्र को कहती रही कि ऐसा कैसे संभव है। धर्मेन्द्र का कहना है कि राजधानी पुलिस का आम लोगों के साथ रवैया बिल्कुल सहयोगात्मक नहीं है।
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25
बैंक अधिकारी के घर से उड़ाया ढाई लाख का माल
भोपाल। प्रगति नगर में रहने वाले एक बैंक अधिकारी के घर से अज्ञात चोरों ने ढाई लाख रुपए का माल उड़ा दिया। वारदात तब हुई जब अधिकारी अपने परिवार के साथ शहर के बाहर गए हुए थे। शिकायत पर पुलिस ने मामला कायम कर लिया है।
गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक प्रगति नगर में ऋषिपुरम के पास ए-50 में सौरभ मिश्रा पिता भगवानदास मिश्रा का निवास है। सौरभ टीटी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पदस्थ हैं। 19 अप्रैल को सौरभ अपने परिवार के साथ सागर गए हुए थे। सौरभ की पत्नी टीटी नगर में अपने मायके में ही रुकी हुई थी। वह 21 तारीख को जब ऋषिपुरम के अपने घर में आई थी तब सबकुछ ठीक था। लेकिन सौरभ जब 23 तारीख को भोपाल लौटे तो उनके घर का ताला टूटा हुआ था। भीतर घर का सारा सामान भी बिखरा हुआ था। आलमारी में रखे सोने चॉंदी के आभूषण नदारद थे। पुलिस के मुताबिक चोर दूसरी मंजिल पर चढ़े और उन्होंने यहॉं का दरवाजा तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया। कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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बुधवार, 29 अप्रैल 2009
बुधवार, 22 अप्रैल 2009
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