1 नवंबर के प्रमुख समाचार
अस्पताल में तोड़फोड़
महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने मचाया हंगामा भोपाल। सोनागिरी इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ मचा दी। जब अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ चल रही थी, तब वहॉं पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उत्पातियों को नियंत्रित किया। महिला को 30 अक्टूबर को भर्ती किया गया था। रविववार सुबह महिला की हालत बिगड़ी। उसे आईसीयू में भेजा गया। यहॉं उसकी मौत हो गई। महिला के पति ने आरोप लगाया है कि मौत के दो मिनट पहले डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया था। पिपलानी पुलिस के मुताबिक अयोध्या नगर के राज सम्राट कॉलोनी के मकान नंबर 164 में रहने वाले संजीव सैनी ने अपनी पत्नी पत्नी ऊषा सैनी को 30 अक्टूबर को सोनागिरी इलाके के आरके अस्पताल में दाखिल कराया था। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। रविवार सुबह अचानक ऊषा की तबीयत िफर खराब हो गई। उसे डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ़्ट किया। यहॉं दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई। ऊषा के पति संजीव ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने ऊषा की मौत के दो मिनट पहले एक इंजेक्शन लगाया था। यही उसकी मौत का कारण बना। संजीव सेना के सेवानिवृत्त जवान है। वह अभी बतौर आईएसओ कंसल्टेंट काम कर रहे हैं।
पुलिस की मौजूदगी में हुई तोड़फोड़:घटना की सूचना पाकर पहुॅंची पुलिस के सामने ही मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरु कर दी। तोड़फोड़ में बजरंगी भी शामिल थे। उन्होंने अस्पताल के दरवाजे और गमले आदि सामान तोड़ डाले। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पकड़ लिया।
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`दादा´ और `बबलू´ की जरुर करें पड़ताल
धोखा खाने के बाद भी नहीं करवा रहे नौकरों का पुलिस वेरीिफकेशनभोपाल(नप्र)। घर में किसी `दादा´ या `बबलू´ को काम पर रखने से पहले उसके बारे में प़ड़ताल जरुर कर लें। उस व्यक्ति की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को भी अनिवार्य रुप से दें। पता नहीं नौकर के वेश में आपके घर कोई लुटेरा आ धमका हो। कई बार धोखा खाने के बाद भी भोपालवासी ऐसा नहीं कर रहे हैं। तीन दिन पहले गुफा मंदिर के पाए एक दुकान में चाकू की नोंक पर नौकर से डे़ढ़ लाख रुपए लूटने के मामले में कोहेिफजा पुलिस जब दुकान मालिक से पूछताछ करने पहुॅंची तो पुलिस अधिकारियों को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ कि बीते 8 सालों से काम करने वाले संतू का सही नाम पता तक मालिक को नहीं मालूम था। दुकान मालिक उसे `दादा´ कहकर पुकारते थे और यही उसकी पहचान भी थी। खास बात तो यह है कि दादा उनके घर बीते 8 सालों से काम कर रहा था। जब दादा खुद को घायल कर अस्पताल पहुॅंचे तब उन्होंने अपना नाम संतू बताया। उल्लेखनीय है कि महीने भर पहले गोविंदपुरा इलाके के कस्तुरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड में भी घटना के तार ठेकेदार अरुण पाण्डे के ड्रायवर से जु़ड़े थे। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुॅंचने में भारी मशक्कत करनी प़ड़ी थी। जाहिर है किसी भी अजनबी की सूरत और शक्ल के आधार पर उस पर विश्वास करना कभी भी ब़ड़ा खतरा बन सकता है। आप किसी धोखे से बचना चाहते हैं तो नौकर का पुलिस वेरीिफकेशन जरूर करवाएँ तथा उसके मूल निवास का पता, फोन नंबर तथा अन्य जानकारियाँ जरूर लेकर रखें। --------------
ऐसा नहीं है कि पुलिस कुछ नहीं कर रही है। इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी कर लोगों को अनिवार्य रुप से अपने नौकरों और किराएदारों का वेरीिफकेशन करने कहा गया है। आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी हुई है। इसकी वजह लोगों में नागरिक बोध का अभाव है। थानों में फार्म भी सहजता से उपलब्ध है। संतोष सिंह गौर, एएसपी, पुराना शहर
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खुद को अकेला पाता था प्रसून
भोपाल। कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाला प्रसून जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। सेंट फ़्लावर स्कूल में पढ़ने वाले प्रसून ने शनिवार रात खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली थी। िफर वह सड़क किनारे झुलसी हालत में मिला था। पुलिस को दिए बयान में प्रसून ने बताया है कि उसे मम्मी-पापा प्यार नहीं करते थे। पुलिस को दिए बयान में प्रसून ने बताया है कि उसने मैनिट के मैदान में जाकर खुद को आग लगाई थी। इसके लिए उसने पीने के पानी की बोतल में 50 रुपए का पेट्रोल लिया था। पेट्रोल लेकर वह खुले मैदान में गया था। िफर उसने खुद को आग के हवाले किया था। आग लगाने के बाद वह निमेष नगर तक पहुॅंचा था। वहॉं वह बेहोश होकर गिर पड़ा। िफर उसे कुछ होश नहीं रहा। प्रसून ने बताया कि वह दो भाई हैं। लेकिन उसके मम्मी-पापा उसे प्यार नहीं करते हैं। पुलिस के मुताबिक प्रसून मेधावी छात्र है। बताया जाता है कि 5 दिन पहले मम्मी-पापा से नाराज होकर वह गोविंदपुरा इलाके में अपने मामा के घर गया था। यहॉं कुछ दिन ठहरने के बाद वह दो दिन पहले ही अपने घर लौटा था। जबकि माता-पिता ने पुलिस को बताया है कि वह प्रसून से भी बराबर प्यार करते थे। माता-पिता प्रसून के ऐसा करने से बेेहद निराश हैं। प्रसून के पिता सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी है। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात प्रसून ने खुद को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर लिया था। झुलसी हुई हालत में उसे हमीदिया में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर का कहन
:::::::::::::::::::::::पुलिसकर्मी आपस में भिड़े
भोपाल। हबीबगंज पुलिस थाने के दो आरक्षक रविवार को आपस में ही भिड़ पड़े। बात बढ़ी तो दोनों में लात-घूसे भी चल गए। घटना बिट्टन माकेoट के पास हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रधान आरक्षक नरेन्द्र और राजेन्द्र में आपस में वारंट तामीली को लेकर विवाद हुआ था। देखते-देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे से हाथापाई करने लगे। इसमें एक के सिर में और दूसरे चेहरे में चोट भी आई है। सीएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि ये आपस का मामला है और दोनों में समझौता हो गया है। ऐसे में जॉंच या कार्रवाई की बात नहीं रह जाती।
::::::::::::::::::::::बाइक सवार युवकों को टेंकर ने कुचला, एक की मौत
भोपाल। हलालपुरा बस स्टेण्ड के पास बाइक सवार दो युवकों को एक टेंकर ने रौंद दिया। इसमें एक की मौत हो गई। कोहेिफजा पुलिस के मुताबिक पिपलानी के डी सेक्टर में रहने वाले राकेश तिवारी और गोवर्धन मेहरा अपनी बाइक से बैरागढ़ जा रहे थे। जब वह हलालपुरा बस स्टेण्ड के पास से गुजर रहे थे। तभी पीछे से आ रहे सॉंची दूध के टेंकर क्रमांक एमबीबी-8070 ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इसमें दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डाक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टेंकर के चालक के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। मृतक राकेश मूलत: चित्रकूट का रहने वाला बताया जाता है। वह यहॉं एक प्रायवेट नौकरी करता था। ::::::::::::::::::::
उघोगपति सहित 3 की सड़क हादसे में मौत
विवाह समारोह से लौट रहे थे
गुना के पास ट्रक से जा भिड़ी कार भोपाल(नप्र)। मंडीदीप इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दयाशंकर पाण्डे सहित उनके परिवार के 3 लोगों की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए। हादसा शनिवार शाम गुना के पास हाईवे में तब हुआ, जब पाण्डे मैनपुरी से अपनी कार में लौट रहे थे। वह अपने परिजनों के साथ उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में एक रिश्तेदार के यहॉं विवाह समारोह में हिस्सा लेने गए हुए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दयाश्ांकर पाण्डे शनिवार शाम अपनी कार से परिवार सहित लौट रहे थे। गुना के पास हाईवे में उनकी कार एक ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार में सवार दयाशंकर पाण्डे, उनके भाई प्रभाशंकर पाण्डे, भाभी राजकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि करुण एवं कुसुम देवी गंभीर रुप से जख्मी हो गई। पाण्डे का निवास राजधानी में केपीटल पेट्रोल पंप के पीछे अशोक नगर में है। रविवार को सभी शव यहॉं ला लिए गए हैं। घायलों को भी भोपाल के अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है।
रविवार, 1 नवंबर 2009
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