रविवार, 1 नवंबर 2009

१ नवंबर के प्रमुख समाचार

1 नवंबर के प्रमुख समाचार
अस्पताल में तोड़फोड़
महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने मचाया हंगामा भोपाल। सोनागिरी इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ मचा दी। जब अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ चल रही थी, तब वहॉं पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उत्पातियों को नियंत्रित किया। महिला को 30 अक्टूबर को भर्ती किया गया था। रविववार सुबह महिला की हालत बिगड़ी। उसे आईसीयू में भेजा गया। यहॉं उसकी मौत हो गई। महिला के पति ने आरोप लगाया है कि मौत के दो मिनट पहले डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया था। पिपलानी पुलिस के मुताबिक अयोध्या नगर के राज सम्राट कॉलोनी के मकान नंबर 164 में रहने वाले संजीव सैनी ने अपनी पत्नी पत्नी ऊषा सैनी को 30 अक्टूबर को सोनागिरी इलाके के आरके अस्पताल में दाखिल कराया था। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। रविवार सुबह अचानक ऊषा की तबीयत िफर खराब हो गई। उसे डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ़्ट किया। यहॉं दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई। ऊषा के पति संजीव ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने ऊषा की मौत के दो मिनट पहले एक इंजेक्शन लगाया था। यही उसकी मौत का कारण बना। संजीव सेना के सेवानिवृत्त जवान है। वह अभी बतौर आईएसओ कंसल्टेंट काम कर रहे हैं।
पुलिस की मौजूदगी में हुई तोड़फोड़:घटना की सूचना पाकर पहुॅंची पुलिस के सामने ही मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरु कर दी। तोड़फोड़ में बजरंगी भी शामिल थे। उन्होंने अस्पताल के दरवाजे और गमले आदि सामान तोड़ डाले। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पकड़ लिया।
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`दादा´ और `बबलू´ की जरुर करें पड़ताल

धोखा खाने के बाद भी नहीं करवा रहे नौकरों का पुलिस वेरीिफकेशनभोपाल(नप्र)। घर में किसी `दादा´ या `बबलू´ को काम पर रखने से पहले उसके बारे में प़ड़ताल जरुर कर लें। उस व्यक्ति की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को भी अनिवार्य रुप से दें। पता नहीं नौकर के वेश में आपके घर कोई लुटेरा आ धमका हो। कई बार धोखा खाने के बाद भी भोपालवासी ऐसा नहीं कर रहे हैं। तीन दिन पहले गुफा मंदिर के पाए एक दुकान में चाकू की नोंक पर नौकर से डे़ढ़ लाख रुपए लूटने के मामले में कोहेिफजा पुलिस जब दुकान मालिक से पूछताछ करने पहुॅंची तो पुलिस अधिकारियों को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ कि बीते 8 सालों से काम करने वाले संतू का सही नाम पता तक मालिक को नहीं मालूम था। दुकान मालिक उसे `दादा´ कहकर पुकारते थे और यही उसकी पहचान भी थी। खास बात तो यह है कि दादा उनके घर बीते 8 सालों से काम कर रहा था। जब दादा खुद को घायल कर अस्पताल पहुॅंचे तब उन्होंने अपना नाम संतू बताया। उल्लेखनीय है कि महीने भर पहले गोविंदपुरा इलाके के कस्तुरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड में भी घटना के तार ठेकेदार अरुण पाण्डे के ड्रायवर से जु़ड़े थे। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुॅंचने में भारी मशक्कत करनी प़ड़ी थी। जाहिर है किसी भी अजनबी की सूरत और शक्ल के आधार पर उस पर विश्वास करना कभी भी ब़ड़ा खतरा बन सकता है। आप किसी धोखे से बचना चाहते हैं तो नौकर का पुलिस वेरीिफकेशन जरूर करवाएँ तथा उसके मूल निवास का पता, फोन नंबर तथा अन्य जानकारियाँ जरूर लेकर रखें। --------------
ऐसा नहीं है कि पुलिस कुछ नहीं कर रही है। इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी कर लोगों को अनिवार्य रुप से अपने नौकरों और किराएदारों का वेरीिफकेशन करने कहा गया है। आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी हुई है। इसकी वजह लोगों में नागरिक बोध का अभाव है। थानों में फार्म भी सहजता से उपलब्ध है। संतोष सिंह गौर, एएसपी, पुराना शहर
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खुद को अकेला पाता था प्रसून
भोपाल। कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाला प्रसून जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। सेंट फ़्लावर स्कूल में पढ़ने वाले प्रसून ने शनिवार रात खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली थी। िफर वह सड़क किनारे झुलसी हालत में मिला था। पुलिस को दिए बयान में प्रसून ने बताया है कि उसे मम्मी-पापा प्यार नहीं करते थे। पुलिस को दिए बयान में प्रसून ने बताया है कि उसने मैनिट के मैदान में जाकर खुद को आग लगाई थी। इसके लिए उसने पीने के पानी की बोतल में 50 रुपए का पेट्रोल लिया था। पेट्रोल लेकर वह खुले मैदान में गया था। िफर उसने खुद को आग के हवाले किया था। आग लगाने के बाद वह निमेष नगर तक पहुॅंचा था। वहॉं वह बेहोश होकर गिर पड़ा। िफर उसे कुछ होश नहीं रहा। प्रसून ने बताया कि वह दो भाई हैं। लेकिन उसके मम्मी-पापा उसे प्यार नहीं करते हैं। पुलिस के मुताबिक प्रसून मेधावी छात्र है। बताया जाता है कि 5 दिन पहले मम्मी-पापा से नाराज होकर वह गोविंदपुरा इलाके में अपने मामा के घर गया था। यहॉं कुछ दिन ठहरने के बाद वह दो दिन पहले ही अपने घर लौटा था। जबकि माता-पिता ने पुलिस को बताया है कि वह प्रसून से भी बराबर प्यार करते थे। माता-पिता प्रसून के ऐसा करने से बेेहद निराश हैं। प्रसून के पिता सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी है। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात प्रसून ने खुद को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर लिया था। झुलसी हुई हालत में उसे हमीदिया में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर का कहन
:::::::::::::::::::::::पुलिसकर्मी आपस में भिड़े
भोपाल। हबीबगंज पुलिस थाने के दो आरक्षक रविवार को आपस में ही भिड़ पड़े। बात बढ़ी तो दोनों में लात-घूसे भी चल गए। घटना बिट्टन माकेoट के पास हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रधान आरक्षक नरेन्द्र और राजेन्द्र में आपस में वारंट तामीली को लेकर विवाद हुआ था। देखते-देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे से हाथापाई करने लगे। इसमें एक के सिर में और दूसरे चेहरे में चोट भी आई है। सीएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि ये आपस का मामला है और दोनों में समझौता हो गया है। ऐसे में जॉंच या कार्रवाई की बात नहीं रह जाती।
::::::::::::::::::::::बाइक सवार युवकों को टेंकर ने कुचला, एक की मौत
भोपाल। हलालपुरा बस स्टेण्ड के पास बाइक सवार दो युवकों को एक टेंकर ने रौंद दिया। इसमें एक की मौत हो गई। कोहेिफजा पुलिस के मुताबिक पिपलानी के डी सेक्टर में रहने वाले राकेश तिवारी और गोवर्धन मेहरा अपनी बाइक से बैरागढ़ जा रहे थे। जब वह हलालपुरा बस स्टेण्ड के पास से गुजर रहे थे। तभी पीछे से आ रहे सॉंची दूध के टेंकर क्रमांक एमबीबी-8070 ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इसमें दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डाक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टेंकर के चालक के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। मृतक राकेश मूलत: चित्रकूट का रहने वाला बताया जाता है। वह यहॉं एक प्रायवेट नौकरी करता था। ::::::::::::::::::::
उघोगपति सहित 3 की सड़क हादसे में मौत
विवाह समारोह से लौट रहे थे
गुना के पास ट्रक से जा भिड़ी कार भोपाल(नप्र)। मंडीदीप इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दयाशंकर पाण्डे सहित उनके परिवार के 3 लोगों की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए। हादसा शनिवार शाम गुना के पास हाईवे में तब हुआ, जब पाण्डे मैनपुरी से अपनी कार में लौट रहे थे। वह अपने परिजनों के साथ उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में एक रिश्तेदार के यहॉं विवाह समारोह में हिस्सा लेने गए हुए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दयाश्ांकर पाण्डे शनिवार शाम अपनी कार से परिवार सहित लौट रहे थे। गुना के पास हाईवे में उनकी कार एक ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार में सवार दयाशंकर पाण्डे, उनके भाई प्रभाशंकर पाण्डे, भाभी राजकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि करुण एवं कुसुम देवी गंभीर रुप से जख्मी हो गई। पाण्डे का निवास राजधानी में केपीटल पेट्रोल पंप के पीछे अशोक नगर में है। रविवार को सभी शव यहॉं ला लिए गए हैं। घायलों को भी भोपाल के अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है।

१ नवंबर के प्रमुख समाचार

१ नवम्बर

शनिवार, 31 अक्टूबर 2009

३१ अक्टूबर

31 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
नौकर ही निकला लूट काण्ड का आरोपी
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था संतू नेअपने एक साथी के साथ की थी वारदातपुलिस को 10 हजार रुपए ईनाम की घोषणा
भोपाल। गुफा मंदिर रोड पर तीन दिन पहले एक दुकान में घुसकर चाकू की नोंक पर डेढ़ लाख रुपयों की लूट का षडयंत्र खुद दुकान के नौकर संतू ने ही रचा था। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने संतू और उसके साथी को गिरफ़्तार कर उनके पास से लूटे गए रुपए भी बरामद कर लिए हैं। दुकान मालिक ने कार्रवाई पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए पुलिस को 10 हजार रुपयों का ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि संतू ने खुद को चाकू से घायल कर यह षडयंत्र रचा था। उसने पुलिस को यह बताया था कि चाकू की नोंक पर लाल रंग की बाइक से आए दो युवकों ने लूट की थी। लेकिन घटनास्थल पर पहुॅंची पुलिस ने जब देखा कि 10 दराजों में से बदमाशों ने उन्हीं दराजों को खोला, जिनमें रुपए रखे थे। इस आधार पर पुलिस का शक दुकान से अच्छी तरह परिचित शख्स पर गहरा गया था। संतू के अस्पताल से छूट्टी होते ही पुलिस ने उससे बारिकी से पूछताछ शुरु की तो संतू के बयानों और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों में विरोधाभाष उजागर हुआ। इस पर पुलिस ने संतू को ही संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। संतू से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया। उसने कोलार के सर्वधर्म दामखेड़ा निवासी राजेश राजवंशी के साथ मिलकर वारदात करना कबूल किया। संतू ने बताया कि उसने खुद दराज में रखे रुपए निकालकर राजेश को दिए थे। आरोपियों से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई है।
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था:संतू ने पुुलिस को बताया है कि उसने खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया और बाद में बेहोशी का स्वांग रचा। ताकि किसी को हकीकत पता न चल सके।
रुपए देखकर लालच आ गया था:संतू ने बताया कि दुकान के मालिक राजा मरेले ने जब दराज में रुपए रखे तो उसे लगा कि इन रुपयों को पाकर उसकी जिंदगी बदल जाएगी। लिहाजा उसने लालच में आकर वारदात करना तय किया। संतू ने यह भी बताया कि महीने भर पहले दुकान में दो लड़के लाल रंग की बाइक से आकर भैया को पूछ रहे थे। उसने लूटरों का हुलिया उन्हीं के रुप में बता दिया।
10 हजार के ईनाम की घोषणा:तीन दिनों के भीतर घटना का खुलासा कर देने पर दुकान मालिक राजा मरेले ने पुलिस की कार्यप्रणाली की तारीफ की और 10 हजार रुपए का ईनाम पुलिस को देने की घोषणा की। दुकान संचालक राजा मरेले ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर और सीएसपी शाहजहॉंनाबाद अरुण मिश्रा की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
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`दादा´ और `बबलू´ की पड़ताल जरुर करें
भोपाल। घर में किसी `दादा´ या `बबलू´ को काम पर रखने से पहले उसके बारे में पड़ताल जरुर कर लें। उस व्यक्ति की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को भी अनिवार्य रुप से दें। पता नहीं नौकर के वेश में आपके घर कोई लुटेरा आ धमका हो। किसी भी अजनबी की सूरत और शक्ल के आधार पर उस पर विश्वास किया जाना आपके लिए कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। गुफा मंदिर के पास दुकान के नौकर द्वारा रचे गए इस षडयंत्र ने िफर एक बार इसकी अनिवार्यता की ओर इशारा किया है। इतना ही नहीं इससे पहले कस्तूरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड के तार भी ड्रायवर से ही जुड़े थे। दरअसल कोहेिफजा पुलिस घटना के बाद जब दुकान मालिक से पूछताछ करने पहुॅंची तो पुलिस अधिकारियों को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ कि बीते 8 सालों से काम करने वाले संतू का सही नाम पता तक मालिक को नहीं मालूम था। दुकान मालिक उसे `दादा´ कहकर पुकारते थे और यही उसकी पहचान भी थी। खास बात तो यह है कि दादा उनके घर बीते 8 सालों से काम कर रहा था। जब दादा खुद को घायल कर अस्पताल पहुॅंचे तब उन्होंने अपना नाम संतू बताया। इस विषय में शाहजहानाबाद सीएसपी अरुण मिश्रा का कहना है कि लोगों को किसी भी अजनबी पर भरोसा करने से पहले उसका पुलिस वेरीिफकेशन जरुर कराना चाहिए। इससे किसी घटना के होने पर उसकी पड़ताल करने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि महीने भर पहले गोविंदपुरा इलाके के कस्तुरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड में भी घटना के तार ठेकेदार अरुण पाण्डे के ड्रायवर से जुड़े थे। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुॅंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। ------------------------------------------------
व्यापारी के घर से उड़ाया 6 लाख का माल
भोपाल। हनुमानगंज इलाके में एक व्यापारी के घर से अज्ञात चोरों ने दो लाख रुपए नगदी और सोने-चॉंदी के आभुषणों सहित करीब 6 लाख रुपए का माल पार कर दिया। वारदात करने से पहले बदमाशों ने उस कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था, जिस कमरे में व्यापारी का परिवार सो रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक शांति नगर के मकान नंबर 11 ए निवासी नारायण वाधवानी रस्सी का कारोबार करते हैं। उनकी दुकान मंगलवारा थाने के पास है। गुरुवार को वह किसी काम से गाडरवाड़ा गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी और दो बेटे थे। नारायण शनिवार सुबह 4.15 बजे गाड़रवाडा से चलकर भोपाल स्टेशन पर उतरे और अपने बड़े बेटे सन्नी को फोन कर स्टेशन लेने आने को कहा। सन्नी ने जैसे ही दरवाजा खोलने की कोशिश की तो उसे पता लगा कि दरवाजे बाहर से बंद है। मम्मी और छोटे भाई को की मदद से दरवाजा तोड़कर वह अपने ड्राइंग रुम से बाहर आया तो देखा कि दूसरे कमरे की आलमारी खुली पड़ी है और ट्यूबलाईट जल रहे हैं। सामान भी बिखरा पड़ा है। उसने तुरंत पापा को फोन कर बताया कि वह ऑटो से आ जाएं। नारायण ने नवदुनिया को बताया कि आलमारी में रखे 1 लाख 90 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के आभुषण नदारद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 25 तोला सोने के जेवर आलमारी में रखे थे। नारायण ने बताया कि बदमाश संभवत: सामने के हिस्से से दीवार फांदकर भीतर घुसे होंगे और िफर दरवाजा खोलकर वे घर में प्रविष्ट हुए। इसके बाद उन्होंने ड्राइंग रुम का दरवाजा बंद कर उन्होंने वारदात की। नारायण के बेटे सन्नी ने बताया कि वह रात में 1 बजे तक जाग रहे थे। सुबह 4 बजे पापा का फोन आ गया। इसी बीच चोर घर में घुसे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।

३१ october

31 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
नौकर ही निकला लूट काण्ड का आरोपी
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था संतू नेअपने एक साथी के साथ की थी वारदातपुलिस को 10 हजार रुपए ईनाम की घोषणा
भोपाल। गुफा मंदिर रोड पर तीन दिन पहले एक दुकान में घुसकर चाकू की नोंक पर डेढ़ लाख रुपयों की लूट का षडयंत्र खुद दुकान के नौकर संतू ने ही रचा था। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने संतू और उसके साथी को गिरफ़्तार कर उनके पास से लूटे गए रुपए भी बरामद कर लिए हैं। दुकान मालिक ने कार्रवाई पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए पुलिस को 10 हजार रुपयों का ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि संतू ने खुद को चाकू से घायल कर यह षडयंत्र रचा था। उसने पुलिस को यह बताया था कि चाकू की नोंक पर लाल रंग की बाइक से आए दो युवकों ने लूट की थी। लेकिन घटनास्थल पर पहुॅंची पुलिस ने जब देखा कि 10 दराजों में से बदमाशों ने उन्हीं दराजों को खोला, जिनमें रुपए रखे थे। इस आधार पर पुलिस का शक दुकान से अच्छी तरह परिचित शख्स पर गहरा गया था। संतू के अस्पताल से छूट्टी होते ही पुलिस ने उससे बारिकी से पूछताछ शुरु की तो संतू के बयानों और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों में विरोधाभाष उजागर हुआ। इस पर पुलिस ने संतू को ही संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। संतू से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया। उसने कोलार के सर्वधर्म दामखेड़ा निवासी राजेश राजवंशी के साथ मिलकर वारदात करना कबूल किया। संतू ने बताया कि उसने खुद दराज में रखे रुपए निकालकर राजेश को दिए थे। आरोपियों से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई है।
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था:संतू ने पुुलिस को बताया है कि उसने खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया और बाद में बेहोशी का स्वांग रचा। ताकि किसी को हकीकत पता न चल सके।
रुपए देखकर लालच आ गया था:संतू ने बताया कि दुकान के मालिक राजा मरेले ने जब दराज में रुपए रखे तो उसे लगा कि इन रुपयों को पाकर उसकी जिंदगी बदल जाएगी। लिहाजा उसने लालच में आकर वारदात करना तय किया। संतू ने यह भी बताया कि महीने भर पहले दुकान में दो लड़के लाल रंग की बाइक से आकर भैया को पूछ रहे थे। उसने लूटरों का हुलिया उन्हीं के रुप में बता दिया।
10 हजार के ईनाम की घोषणा:तीन दिनों के भीतर घटना का खुलासा कर देने पर दुकान मालिक राजा मरेले ने पुलिस की कार्यप्रणाली की तारीफ की और 10 हजार रुपए का ईनाम पुलिस को देने की घोषणा की। दुकान संचालक राजा मरेले ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर और सीएसपी शाहजहॉंनाबाद अरुण मिश्रा की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
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`दादा´ और `बबलू´ की पड़ताल जरुर करें
भोपाल। घर में किसी `दादा´ या `बबलू´ को काम पर रखने से पहले उसके बारे में पड़ताल जरुर कर लें। उस व्यक्ति की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को भी अनिवार्य रुप से दें। पता नहीं नौकर के वेश में आपके घर कोई लुटेरा आ धमका हो। किसी भी अजनबी की सूरत और शक्ल के आधार पर उस पर विश्वास किया जाना आपके लिए कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। गुफा मंदिर के पास दुकान के नौकर द्वारा रचे गए इस षडयंत्र ने िफर एक बार इसकी अनिवार्यता की ओर इशारा किया है। इतना ही नहीं इससे पहले कस्तूरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड के तार भी ड्रायवर से ही जुड़े थे। दरअसल कोहेिफजा पुलिस घटना के बाद जब दुकान मालिक से पूछताछ करने पहुॅंची तो पुलिस अधिकारियों को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ कि बीते 8 सालों से काम करने वाले संतू का सही नाम पता तक मालिक को नहीं मालूम था। दुकान मालिक उसे `दादा´ कहकर पुकारते थे और यही उसकी पहचान भी थी। खास बात तो यह है कि दादा उनके घर बीते 8 सालों से काम कर रहा था। जब दादा खुद को घायल कर अस्पताल पहुॅंचे तब उन्होंने अपना नाम संतू बताया। इस विषय में शाहजहानाबाद सीएसपी अरुण मिश्रा का कहना है कि लोगों को किसी भी अजनबी पर भरोसा करने से पहले उसका पुलिस वेरीिफकेशन जरुर कराना चाहिए। इससे किसी घटना के होने पर उसकी पड़ताल करने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि महीने भर पहले गोविंदपुरा इलाके के कस्तुरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड में भी घटना के तार ठेकेदार अरुण पाण्डे के ड्रायवर से जुड़े थे। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुॅंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। ------------------------------------------------
व्यापारी के घर से उड़ाया 6 लाख का माल
भोपाल। हनुमानगंज इलाके में एक व्यापारी के घर से अज्ञात चोरों ने दो लाख रुपए नगदी और सोने-चॉंदी के आभुषणों सहित करीब 6 लाख रुपए का माल पार कर दिया। वारदात करने से पहले बदमाशों ने उस कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था, जिस कमरे में व्यापारी का परिवार सो रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक शांति नगर के मकान नंबर 11 ए निवासी नारायण वाधवानी रस्सी का कारोबार करते हैं। उनकी दुकान मंगलवारा थाने के पास है। गुरुवार को वह किसी काम से गाडरवाड़ा गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी और दो बेटे थे। नारायण शनिवार सुबह 4.15 बजे गाड़रवाडा से चलकर भोपाल स्टेशन पर उतरे और अपने बड़े बेटे सन्नी को फोन कर स्टेशन लेने आने को कहा। सन्नी ने जैसे ही दरवाजा खोलने की कोशिश की तो उसे पता लगा कि दरवाजे बाहर से बंद है। मम्मी और छोटे भाई को की मदद से दरवाजा तोड़कर वह अपने ड्राइंग रुम से बाहर आया तो देखा कि दूसरे कमरे की आलमारी खुली पड़ी है और ट्यूबलाईट जल रहे हैं। सामान भी बिखरा पड़ा है। उसने तुरंत पापा को फोन कर बताया कि वह ऑटो से आ जाएं। नारायण ने नवदुनिया को बताया कि आलमारी में रखे 1 लाख 90 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के आभुषण नदारद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 25 तोला सोने के जेवर आलमारी में रखे थे। नारायण ने बताया कि बदमाश संभवत: सामने के हिस्से से दीवार फांदकर भीतर घुसे होंगे और िफर दरवाजा खोलकर वे घर में प्रविष्ट हुए। इसके बाद उन्होंने ड्राइंग रुम का दरवाजा बंद कर उन्होंने वारदात की। नारायण के बेटे सन्नी ने बताया कि वह रात में 1 बजे तक जाग रहे थे। सुबह 4 बजे पापा का फोन आ गया। इसी बीच चोर घर में घुसे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।

३० october

30 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
शातिर महिलाओं ने ज्वेलर्स को भी लगाई चपत
भोपाल। राजधानी में शातिर महिलाओं का गिरोह िफर सक्रिय होता दिख रहा है। गुरुवार को एक पुलिसकर्मी को गंदगी लगाकर नगदी से भरा बैग उड़ाने के बाद शातिर महिलाओं ने जहॉंगीराबाद इलाके में एक आभुषण की दुकान पर गहने देखने के बहाने हजारों रुपए का माल उड़ा दिया। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। जहॉंगीराबाद पुलिस के मुताबिक अशोका गार्डन निवासी अनिल पिता रामप्रसाद सोनी की जहॉंगीराबाद बाजार में सोने-चॉंदी के आभुषणों की दुकान है। गुरुवार शाम ज्वेलर्स की दुकान पर दो अज्ञात महिलाएॅं गहनें खरीदने आईं। दोनों महिलाएॅं अलग-अलग समय पर आई। बाद में आई महिला बुकाo पहने हुए थी। दोनों महिलाओं ने दुकान मालिक से टॉप्स और अॅंगूठी मॉंगी। देखते-देखते खुद दुकान मालिक को भी पता नहीं चला कि महिलाएॅं कब गहने पार कर गई। महिलाओं के जाने के बाद पता चला कि 19 हजार रुपए कीमत के गहने गायब है। ज्वेलर्स ने आशंका जताई है शातिर महिलाओं ने ही दुकान से गहने उड़ा दिए। पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को न्यू माकेoट इलाके में बैंक से रुपए निकालकर आ रहे एक पुलिसकर्मी से एक शातिर महिला ने गंदगी लगे होने की बात कहकर उसका रुपयों से भरा बैग उड़ा दिया था। ---------------------------------------
नोपाकिoंग से कार उठाने गए सिपाही से मारपीट
भोपाल। नो पाकिoंग में खड़ी कार उठाने गए एक सिपाही से कार चालक ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि वह अपनी कार लेकर भागने में भी कामयाब हो गया। घटना एमपी नगर इलाके की है। एमपी नगर पुलिस के मुताबिक गुरुवार शाम को एमपी नगर में मिलन होटल के पास यातयात पुलिस का जवान जितेन्द्र के्रन पर था। इस दौरान वह नो पाकिoंग में खड़े वाहनों को क्रेन की मदद से उठा रहा था। नो पाकिoंग में ही खड़ी एक कार क्रमांक एमपी-04 टी 7217 को जब वह क्रेन से उठा रहा था, तब कार चालक ने आकर जितेन्द्र के साथ मारपीट शुरु कर दी और अपनी कार लेकर चला गया। पुलिसकर्मी की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज़ किया गया है।

२९ october

29 अक्टूबर की प्रमुख खबरें
गंदगी लगाकर ध्यान बंटाया, िफर रुपयों से भरा बैग उड़ाया
भोपाल। राजधानी पुलिस इधर प्रदेश के मंत्री और विदेश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में व्यस्त है और उधर शातिर चोर दिनदहाड़े भरे बाजार में लोगों को ठग रहे हैं। गुरुवार को अघोषित हाईअलर्ट के दौरान न्यूमाकेoट और सोमवारा जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शर्ट में मैला लगा होने की बात कहकर आधे घंटे के भीतर रुपयों से भरा बैग उड़ाने की दो वारदातों ने पुलिस की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। दोनों ही वारदातों में वह लोग शिकार बने हैं, जो बैंक से रुपए निकालकर बाहर आ रहे थे। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि वीआईपी की सुरक्षा में व्यस्त पुलिस का आम जनता की हिफाजत से कोई सरोकार नहीं है। बात महत्वपूर्ण इसीलिए भी है क्योंकि जिस वक्त दोनों वारदातें हुईं, उस समय राजधानी के पूरे थानों की पुलिस अपने-अपने इलाकों में होटल और लॉज में छिपे संदिग्धों की पड़ताल कर रही थी।
मैला लगाकर महिला ले उड़ी रुपयों से भरा बैग
भोपाल()। न्यू माकेoट इलाके में एक शातिर महिला ने एक पुलिस जवान का रुपयों से भरा बैग उड़ा दिया। बैंक से रुपए निकालकर बाहर आ रहे पुलिस जवान से महिला ने उसकी शर्ट में मैला लगा होने की बात कही। इस पर पुलिसकर्मी पास ही एक हैण्डपंप में पहुॅंचकर अपनी शर्ट साफ करने लगा। मौका देखकर महिला रुपयों से भरा बैग लेकर चंपत हो गई। वारदात गुरुवार दोपहर न्यूमाकेoट इलाके में हुई। टीटी नगर पुलिस के मुताबिक बागसेवनिया के आदर्श नगर के मकान नंबर 104 निवासी प्रकाशचंद्र रावत सातवीं बटालियन का जवान है। गुरुवार दोपहर उसने न्यूमाकेoट स्थित स्टेट बैंक शाखा से 10 हजार रुपए निकाले। प्रकाश रुपयों को बैग में डालकर जैसे ही बैंक के बाहर आया, उसे एक 50 वर्षीय महिला मिली। महिला ने बताया कि उसकी शर्ट में मैला लगा है। प्रकाश शर्ट में मैला लगा देखकर पास ही एक हैण्डपंप पर शर्ट साफ करने चला गया। उसने अपना बैग वहीं पास में रख दिया। इस दौरान वह महिला भी उसके साथ रही। थोड़ी देर बाद जब प्रकाश ने देखा तो उसका रुपयों से भरा बैग और वह महिला वहॉं से नदारद थी। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ चोरी का मामला कायम कर लिया है।
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ध्यान बंटाकर 35 हजार रुपए ले उड़े
भोपाल। राजधानी में चोर दिन दहाड़े भरे बाजार में भी वारदात करने से भी नहीं डर रहे हैं। गुरुवार को शातिरों ने एक ट्रेवल ऐजेंसी के संचालक का 35 हजार रुपयों से भरा बैग समय उड़ा दिया। वारदात उस समय हुई जब ट्रेवल ऐजेंसी का संचालक रुपयों का बैग पास रखकर चाय की दुकान पर खड़ा था। शातिरों ने वारदात करने के लिए बैग के मालिक की पीठ पर गंदगी लगा ली, िफर उसका ध्यान बंटाकर रुपयों से भरा बैग ले उड़े। दिलचस्प तो यह है कि सोमवारा इलाके में शातिरों ने जब वारदात को अंजाम दिया, तब वहॉं सैकड़ों लोग मौजूद थे। तलैया पुलिस के मुताबिक जिंसी जहॉंगीराबाद निवासी 52 वर्षीय शेख बाबू पिता शेख चिन्नू एक ट्रेवल ऐजेंसी के संचालक हैं। शेख बाबू ने गुरुवार दोपहर 12 बजे सोमवारा के बांबे मकेoटाइल बैंक से 35 हजार रुपए निकाले। रुपयों को बैग में डालकर सड़क पार कर वह पास ही अपने रिश्तेदार की भवानी टी स्टॉल पर पहुॅंचे। इस दौरान उन्हें अपनी पीठ पर कुछ गीलेपन का अहसास हुआ। वह रुपयों से भरा बैग वहीं नीचे रखकर अपनी शर्ट साफ करने लगे। थोड़ी देर बाद जब उनका ध्यान गया तो उनका रुपयों से भरा बैग नदारद था। काफी खोजबीन के बाद वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुॅंचे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला कायम कर लिया है।
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फल व्यापारी के घर से लाखों की नगदी उड़ा ले गए चोर
भोपाल(नप्र)। काजीकैंप के पास बाफना कॉलोनी में रहने वाले एक फल व्यापारी के घर से बीती रात अज्ञात चोरों डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा की नगदी पार कर दी। वारदात उस समय हुई, जब व्यापारी अपने परिवार सहित मकान के पहले माले पर सो रहे थे। चोरों ने ऊपरी माले में रखी आलमारी को तोड़कर उसमें रखे रुपए उड़ा दिए। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक बाफना कॉलोनी के मकान नंबर 3 में रहने वाले हरीश मालवीय पिता किशोरी लाल मालवीय फलों का थोक व्यापार करते हैं। बीती रात वह अपने दो मंजिला मकान के निचले हिस्से में सो रहे थे। सुबह 5 बजे जब उनकी मॉं ऊपर कमरे में गई, तो यह देखकर चौंक गई कि आलमारी टूटी पड़ी है और सामान बिखरा पड़ा है। आलमारी में रखे 1 लाख 60 हजार रुपए भी नदारद हैं। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिस स्थान से चोरी हुई है, चोर संभवत: मकान के बाहरी हिस्से से वहॉं घुसे हैं। चोरों को इस बात का पहले से ही पता था कि हरीश दो दिनों बाद कच्चे फल लेने के लिए महाराष्ट्र जाने वाला है। लिहाजा उसके पास नगदी रुपए घर पर ही रखे हैं। हरीश ने पुलिस को बताया है कि खरीदी पर जाने के लिए उसने इतनी बड़ी रकम घर पर ही रखी थी।
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14 वीं बटालियन के जवान को गोली लगी
भोपाल। शाहजहानाबाद इलाके में गुरुवार को 14 वीं बटालियन का जवान गोली लगने से घायल हो गया। गोली कैसे लगी है अभी यह जॉंच का विषय है। लेकिन मौके से मिली बंदूक की नाल पर लगे खून के निशान के आधार पर पुलिस इसे सुसाइड का मामला बता रही है। शुरुआती जॉंच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जवान मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रहा था। हाालांकि अवसाद का क्या कारण था, यह अभी पता नहीं चल पाया है। शाहजहानाबाद पुलिस के मुताबिक 14 वीं बटालियन की बी कंपनी कानून व्यवस्था के लिए यहॉं तैनात है। शाहजहानाबाद इलाके में कंपनी का बैरक है। इसमें लगभग 150 जवान है। गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक बैरक में संतरी की ड्यूटी पर केशव सिंह भदौरिया पिता रामसिंह तैनात था। 3 बजे केशव की ड्यूटी समाप्त होने वाली थी। इससे 10 मिनट पहले वह बैरक में पहुॅंचा और उसने अपने रिलीवर ब्रह्मानंद शर्मा से कहा कि वह ड्यूटी पर आ जाए। ब्रह्मानंद ने पुलिस को बताया है कि वह जैसे ही 3 बजे गेट पर पहुॅंचा तो केशवर उसे नहीं मिली। थोड़ी दूर देखने पर पता चला कि केशव बाथरुम के पास लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ा है। उसके पास ही उसकी बंदूक भी रखी है। ब्रह्मनंद ने अपने साथियों को बुलाया और केशव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली। बताया जा रहा है कि गोली सीने के आर पार हो गई। पुलिस को ये भी बताया गया है कि केशव ने ब्रह्मानंद को बताया कि उसे किसी ने गोली मारी है लेकिन पुलिस मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गोली चलाने की संभावना कम ही बता रही है।
मानसिक अवसाद में था केशव:मौके पर पहुॅंची पुलिस ने केशव के बिस्तर के नीचे से डाक्टर की कुछ पचिoयॉं बरामद की है। डाक्टरों ने बताया है कि केशव मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रहा था और वह इसके लिए दवाई भी ले रहा था। ये भी बताया जा रहा है कि दो दिनों बाद से केशव छूट्टी पर जाने वाला था।
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तीन बिंदुओं पर होगी जॉंच:
अफसर की प्रताड़नापारिवारिक कारणरुपयों का लेनदेन--कुछ सवाल-
मौके पर पहुॅंची पुलिस को केशवदोपहर 3 बजे के लगभग हालांकि प्रथम दबताया जा रहा है कि जवान ने खुद को सुसाइड करने के लिए गोली चलाई थी। दूसरी तरफ गोली जवान के सीने में लगी है, इससे यह भी आश्ांका जताई जा रही है कि गोली उसे किसी और ने मारी है। घटना की खबर मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुॅंच गए हैं। शाहजहानाबाद पुलिस के मुताबिक यह बात भी सामने आ रही है कि गोली खुद का जवान गोली लगने से के जवान को गोली लगने
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आस्ट्रेलिया में कार्यरत इंजीनियर की संदिग्ध मौत
भोपाल। मिसरोद इलाके के ग्यारह मील के पास बीती रात आस्ट्रेलिया में कार्यरत एक मैकेनिकल इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मिसरोद पुलिस के मुताबिक मंडीदीप के पटेल नगर का रहने वाला 26 वर्षीय अनुज पाल पिता सीएस पॉल आस्ट्रेलिया में मैकेनिकल इंजीनियर है। वह दिवाली पर घर आया था। बुधवार रात उसने अपने छोटे भाई को फोन किया कि वह ग्यारह मील के पास है। उसने शराब पी रखी है। उसे घबराहट हो रही है। छोटे भाई ने वहॉं पहुॅंचकर अनुज को नर्मदा अस्पताल पहुॅंचाया। यहॉं डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मौत के कारणों की जॉंच शुरु कर दी है।

२८ actober

28 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
भोपाल। बैंक में आए लाख रुपए से ज्यादा के नकली लोट
राजधानी में बढ़ा नकली नोटों का चलन, मामला दर्ज़

भोपाल(नप)। राजधानी में नकली नोटों की आवक बढ़ती ही जा रही है। आईसीआईआई बैंक द्वारा सवा तीन लाख रुपए की नकली करेंसी जमा कराए अभी हफ़्ता भी नहीं गुजरा था कि रिजर्व बैंक ने िफर 6 लाख रुपए की नकली नोट थाने में जमा कराए हैं। लाखों रुपए के ये नकली नोट से खुद पुलिस भी सकते में है। हफ़्ते भर में आए लगभग 10 लाख रुपए की नकली करेंसी थाने में जमा होने से बाजार में बड़े पैमाने पर नकली नोटों के चलन की आशंका और पुख्ता हुई है। िफलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि नकली नोटों के असल तस्करों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुॅंच पा रहे हैं। एमपी नगर पुलिस के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 6 लाख 52 हजार कीमत के कुल 4970 नोट जमा कराए हैं। इसमें एक हजार रुपए की 63 नोट और 500 रुपए की 538 नोट है। इसके अलावा 100 रुपए की 3059 नोट है। 288 नोट 50 रुपए के हैं। 20 रुपए की 12 और 10 रुपए की 10 नोट है। एमपी नगर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक में बीते 4 महीने की अवधि में विभिन्न बैंकों ने यह नकली करेंसी जमा कराई है।

रेवेन्यू इंटेलीजेंस को दें नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा
भोपाल(नप्र)। नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा डायरोक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस जैसी किसी बड़ी ऐजेंसी को दिया जाना चाहिए। नकली नोटों के सौदागर सीमा पार से अपने काम का संचालन करते हैं, ऐसे में स्थानीय पुलिस का उन तक पहुॅंच पाना संभव नहीं है। नकली करेंसी हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा संकट है। सोमवार को राजधानी में हुई नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की बैठक के दौरान जब नकली करेंसी पर बात छिड़ी तो राजधानी के ही एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह सुझाव देकर देश भर से आए विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। देश भर से आए सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए उसे विचारणीय बताया। सुझाव के पीछे तर्क यह था कि किसी थाने की पुलिस नकली नोटों के गिरोह को पकड़ने में सक्षम नहीं है। अधिकारी ने यह भी कहा था कि यह बात इसीलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि नकली नोटों के पाकिस्तान से होकर नेपाल और बांग्लादेश होते हुए हिन्दुस्तान पहुॅंचने की बात उजागर हो चुकी है। िफर स्थानीय पुलिस कैसे किसी पड़ोसी देश में छिपे आरोपी के विषय में पड़ताल कर सकती है। केंद्रीय ऐजेंसी यदि यह काम करती है, तो नकली नोटों के तस्करों तक पहुॅंचने में आसानी होगी।
नहीं हो पाती विवेचना:जिस थाने में नकली नोट जमा होते हैं, वहॉं इस मामले की सही विवेचना नहीं हो पाती। मामला दर्ज़ करने के बाद खुद पुलिस अधिकारी कहते हैं कि इसमें क्या विवेचना हो सकती है। दरअसल रिजर्व बैंक जो नोट जमा करता है, वह किसी एक बैंक या एक स्थान की नहीं होती बल्कि दर्ज़नों बैंकों की होती है। ऐसे में पुलिस के लिए मामले की विवेचना कर पाना संभव ही नहीं होता।
अज्ञात व्यक्ति पर होता है मामला दर्ज़:जिस व्यक्ति के पास एक या दो नकली नोट मिलती है, व्यवहारिक तौर पर उसके खिलाफ मामला दर्ज़ नहीं किया जाता है। बल्कि उसे बैंकों के माध्यम से रिजर्व बैंक में जमा करा दिया जाता है। जब रिजर्व बैंक पुलिस को नकली नोटों की जानकारी देती है तब नोट बरामद कर उसे जॉंच के लिए नासिक भेजकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिंता की धारा 489(क) के तहत मामला दर्ज़ किया जाता है।
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अब पुलिस बचाएगी मलेरिया और डेंगू से
थानों में नहीं दिखेगी गाजर घास
भोपाल। डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से आमजनमानस को बचाने का जिम्मा अब पुलिस ने भी उठा लिया है। ग्राम और नगर रक्षा समितियों की मदद से पुलिस ने जनता को इन रोगों से बचने के नुस्खे बताने शुरु कर दिए है। अभियान की शुरुआत विदिशा से हो गई है। इसके अलावा गाजर घास को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह मानकर थाना और पुलिस लाईन परिसर से गाजर घास भी हटाई जा रही है। दरअसल ये आयडिया विदिशा जिला रक्षा समिति का है। जैसे ही रक्षा समिति के सदस्य आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव के पास पहुॅंचे तो आईजी ने उनकी इस पहल में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इसके लिए शुरुआती तौर पर बाकायदा 14 हजार पैंपलेट भी बनवाए गए हैं। इसमें गॉंव-गॉंव में जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि किस तरह सावधानी बरतकर डेंगू, और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों से बचा जा सकता है।
थानों से हटेगी गाजर घास:आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर 1 नवंबर से 7 नवंबर तक स्वणिoम मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत थानों में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमंें थानों में साफ-सफाई के अलावा थाना परिसर से गाजर घास को भी हटाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा भोपाल जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र भी लिख दिया गया है।
स्वच्छ थाना पुरस्कृत होगा:स्वच्छता कार्यक्रम के तहत सबसे स्वच्छ थाने को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए हर जिले में पुलिस अधिकारियों की कमेटी भी बनाई जा रही है। कमेटी थानों का दौरा कर पुरस्कार तय करेगी। ------------------------
हमने सभी एसपी को पत्र लिखकर थानों से गाजर घास हटाने और थानों में स्वच्छता अभियान चलाने कहा है। इसके अलावा विदिशा ग्राम जिला रक्षा समिति की पहल को दूसरों जिलों को भी बताया जा रहा है। ताकि वहॉं भी पुलिस लोगों को जागरुक करने का काम करे। शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल रेंज

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2009

रेवेन्यू इंटेलीजेंस को दें नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा

भोपाल(ेैड)। नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा डायरोक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस जैसी किसी बड़ी ऐजेंसी को दिया जाना चाहिए। नकली नोटों के सौदागर सीमा पार से अपने काम का संचालन करते हैं, ऐसे में स्थानीय पुलिस का उन तक पहुॅंच पाना संभव नहीं है। नकली करेंसी हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा संकट है। सोमवार को राजधानी में हुई नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की बैठक के दौरान जब नकली करेंसी पर बात छिड़ी तो राजधानी के ही एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह सुझाव देकर देश भर से आए विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। देश भर से आए सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए उसे विचारणीय बताया। सुझाव के पीछे तर्क यह था कि किसी थाने की पुलिस नकली नोटों के गिरोह को पकड़ने में सक्षम नहीं है। अधिकारी ने यह भी कहा था कि यह बात इसीलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि नकली नोटों के पाकिस्तान से होकर नेपाल और बांग्लादेश होते हुए हिन्दुस्तान पहुॅंचने की बात उजागर हो चुकी है। िफर स्थानीय पुलिस कैसे किसी पड़ोसी देश में छिपे आरोपी के विषय में पड़ताल कर सकती है। केंद्रीय ऐजेंसी यदि यह काम करती है, तो नकली नोटों के तस्करों तक पहुॅंचने में आसानी होगी।
नहीं हो पाती विवेचना:जिस थाने में नकली नोट जमा होते हैं, वहॉं इस मामले की सही विवेचना नहीं हो पाती। मामला दर्ज़ करने के बाद खुद पुलिस अधिकारी कहते हैं कि इसमें क्या विवेचना हो सकती है। दरअसल रिजर्व बैंक जो नोट जमा करता है, वह किसी एक बैंक या एक स्थान की नहीं होती बल्कि दर्ज़नों बैंकों की होती है। ऐसे में पुलिस के लिए मामले की विवेचना कर पाना संभव ही नहीं होता।
अज्ञात व्यक्ति पर होता है मामला दर्ज़:जिस व्यक्ति के पास एक या दो नकली नोट मिलती है, व्यवहारिक तौर पर उसके खिलाफ मामला दर्ज़ नहीं किया जाता है। बल्कि उसे बैंकों के माध्यम से रिजर्व बैंक में जमा करा दिया जाता है। जब रिजर्व बैंक पुलिस को नकली नोटों की जानकारी देती है तब नोट बरामद कर उसे जॉंच के लिए नासिक भेजकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिंता की धारा 489(क) के तहत मामला दर्ज़ किया जाता है। ----------------------------------------
अब पुलिस बचाएगी मलेरिया और डेंगू से
थानों में नहीं दिखेगी गाजर घास
भोपाल। डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से आमजनमानस को बचाने का जिम्मा अब पुलिस ने भी उठा लिया है। ग्राम और नगर रक्षा समितियों की मदद से पुलिस ने जनता को इन रोगों से बचने के नुस्खे बताने शुरु कर दिए है। अभियान की शुरुआत विदिशा से हो गई है। इसके अलावा गाजर घास को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह मानकर थाना और पुलिस लाईन परिसर से गाजर घास भी हटाई जा रही है। दरअसल ये आयडिया विदिशा जिला रक्षा समिति का है। जैसे ही रक्षा समिति के सदस्य आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव के पास पहुॅंचे तो आईजी ने उनकी इस पहल में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इसके लिए शुरुआती तौर पर बाकायदा 14 हजार पैंपलेट भी बनवाए गए हैं। इसमें गॉंव-गॉंव में जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि किस तरह सावधानी बरतकर डेंगू, और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों से बचा जा सकता है।
थानों से हटेगी गाजर घास:आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर 1 नवंबर से 7 नवंबर तक स्वणिoम मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत थानों में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमंें थानों में साफ-सफाई के अलावा थाना परिसर से गाजर घास को भी हटाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा भोपाल जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र भी लिख दिया गया है।
स्वच्छ थाना पुरस्कृत होगा:स्वच्छता कार्यक्रम के तहत सबसे स्वच्छ थाने को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए हर जिले में पुलिस अधिकारियों की कमेटी भी बनाई जा रही है। कमेटी थानों का दौरा कर पुरस्कार तय करेगी। ------------------------
हमने सभी एसपी को पत्र लिखकर थानों से गाजर घास हटाने और थानों में स्वच्छता अभियान चलाने कहा है। इसके अलावा विदिशा ग्राम जिला रक्षा समिति की पहल को दूसरों जिलों को भी बताया जा रहा है। ताकि वहॉं भी पुलिस लोगों को जागरुक करने का काम करे। शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल रेंज----------------------------------------------
एमपी नगर नकली नोट
भोपाल। बैंक में आए लाख रुपए से ज्यादा के नकली लोट
राजधानी में बढ़ा नकली नोटों का चलन, मामला दर्ज़

भोपाल(नप)। राजधानी में नकली नोटों की आवक बढ़ती ही जा रही है। आईसीआईआई बैंक द्वारा सवा तीन लाख रुपए की नकली करेंसी जमा कराए अभी हफ़्ता भी नहीं गुजरा था कि रिजर्व बैंक ने िफर 6 लाख रुपए की नकली नोट थाने में जमा कराए हैं। लाखों रुपए के ये नकली नोट से खुद पुलिस भी सकते में है। हफ़्ते भर में आए लगभग 10 लाख रुपए की नकली करेंसी थाने में जमा होने से बाजार में बड़े पैमाने पर नकली नोटों के चलन की आशंका और पुख्ता हुई है। िफलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि नकली नोटों के असल तस्करों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुॅंच पा रहे हैं। एमपी नगर पुलिस के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 6 लाख 52 हजार कीमत के कुल 4970 नोट जमा कराए हैं। इसमें एक हजार रुपए की 63 नोट और 500 रुपए की 538 नोट है। इसके अलावा 100 रुपए की 3059 नोट है। 288 नोट 50 रुपए के हैं। 20 रुपए की 12 और 10 रुपए की 10 नोट है। एमपी नगर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक में बीते 4 महीने की अवधि में विभिन्न बैंकों ने यह नकली करेंसी जमा कराई है।
500 और 100 की नकली करेंसी की भरमार:पुलिस के पास पहुॅंची नकली करेंसी में बड़ी नोट ज्यादा है। 500 और हजार रुपए की नकली नोटों के अलावा 100 रुपए की कनली करेंसी की भरमार है। जबकि 10 और 20 रुपए की नकली

२६ october

पुलिस पिटाई से मौत मामले की न्यायायिक जॉंच शुरु
भोपाल। पुलिस की पिटाई से युवक की कथित मौत की न्यायिक जॉंच शुरु हो गई है। एसपी जयदीप प्रसाद ने सीजेएम को पत्र लिखकर मामले की न्यायायिक जॉंच का अनुरोध किया था। एसीजेएम एके सिंह ने कस्तुरबा अस्पवताल पहुॅंचकर मामले की जॉंच शुरु कर दी। सोमवार सुबह मृतक युवक के परिजनों के कस्तुरबा अस्पताल पहुॅंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। मृतक के दोस्त विक्रम ने अपने शुरुआती बयानों से पुलिस को काफी राहत पहुॅंचाई है। उसने बताया है कि पुलिस ने उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। रामजग की थाने से बाहर आकर तबीयत खराब हुई, िफर उसे अस्पताल ले जाया गया। वहॉं उसकी मौत हुई। सोमवार सुबह रामजग के बड़े भाई शशि प्रताप सिंह के पहुॅंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया पहुॅंचाया गया। शशि ने नवदुनिया को बताया कि उसे रविवार दोपहर फोन पर खबर मिली थी। उस वक्त वह रीवा में था। रीवा से वह सीधा भोपाल पहुॅंच गया। यहॉं उसके साथ उसके अन्य रिश्तेदार और दोस्त भी पहुॅंच गए थे। शशि ने बताया कि अभी उसे पुलिस की पिटाई के कारण मौत की खबर नहीं है। पुलिस और रामजग के दोस्त विक्रम ने ही उसे यह बताया कि उनका भाई रामजग उन्हें संदिग्ध दिखा था। जब पुुलिस पूछताछ करने उसके पास पहुॅंची तो वह भागने लगा। इसके बाद पीछा कर पुलिस ने उसे पकड़ा और थाने लाई। यहॉं पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। रामजग के पिता महेन्द्रनाथ शहडोल में बीएसएनएल में क्लर्क हैं। बेटे की मौत की खबर से पूरे परिवार में मातम है।
क्या है मामला:रविवार दोपहर शक्ति नगर एटीएम के पास से पुलिस ने रामजग और उसके दोस्त विक्रम को पीछा कर पकड़ा था। पुलिस दोनों दोस्तों को लूट के मामले में संदिग्ध मानकर पकड़कर थाने लाई थी। इसके बाद इनसे सख्ती से पूछताछ हुई। रामजग को पुलिस ने कथित तौर पर इतना मारा कि उसकी जान निकल गई। इसके बाद पुलिस ने कहानी गढ़ी कि शक्ति नगर एटीएम के पास रामजग चक्कर आकर गिर गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। यहॉं उसकी मौत हो गई।

२६ october

25 अक्टूबर की खबरें :
कहीं आफत न ला दें ये अफवाहें
बम की गलत सूचना देने वालों को नहीं ढूॅंढ पा रही है पुलिस
भोपाल(नप्र)। राजधानी में बम की झूठी खबर से सनसनी फैलाने की शरारत करने वालों का पुलिस कोई पता नहीं ढूॅंढ पाई है। शनिवार को सिटी अस्पताल में बम रखे होने की सूचना देने से पहले जुलाई में नेहरु नगर के कोपल स्कूल और इसी महीने न्यू माकेoट के पंजाब नेशनल बैंक में बम रखे होने की झूठी सूचना ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया था। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस उन शरारती लोगों का पता क्यों नहीं लगा पाई, जिन्होंने इतना ब़ड़ा झूठ बोला। यह सवाल इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी अफवाहों की पुनरावृित्त सूचना की संवेदनशीलता को खत्म कर सकती है। ऐसी अफवाह फैलाने वालों का पुलिस गिरफ़्त से बाहर होना पुलिस के इंटेलीजेंस सिस्टम पर भी सवाल ख़ड़े करता है। यदि बम की अफवाह फैलाने वालों के प्रति पुलिस का रवैया यही रहा तो शरारती तत्वों की करतूतों में इजाफा होता रहेगा और आए दिन आम जनता भयभीत होती रहेगी। दरअसल इन मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना इसीलिए भी लाजिमी है, क्योंकि अब तक न तो कोपल स्कूल बम रखे होने की सूचना देने वाले को पक़ड़ा जा सका है न ही न्यू माकेoट के पंजाब नेशनल बैंक में बम रखे होने की खबर देने वाले का पता चल पाया है। घटना 127 जुलाई : नेहरु नगर स्थित स्थित कोपल हायर सेकेण्डरी स्कूल में दोपहर 1.45 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल में बम रखे होने की बात सूचना दी । उसने कहा कि 15 मिनट के भीतर विस्फोट हो जाएगा। बम स्क्वाड ने डे़ढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बम की सूचना को अफवाह बताया। अब तक उक्त व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है, जिसने यह झूठी सूचना पुलिस को दी थी। `सिर्फ इतना पता चल पाया है कि वह फोन सार्वजनिक बूथ से किया गया था।´ उमेश तिवारी, थाना प्रभारी टीटी नगर
घटना 212 अक्टूबर: दोपहर 1.25 बजे टीटी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने कहा `वह बैंक को उ़ड़ा देंगे, यदि बचा सकते हो तो बचा लो` और अज्ञात व्यक्ति ने फोन रख दिया। पुलिस बल, बम स्कवॉड मौके पर पहुॅंचा। घंटेभर से की मशक्कत के बाद पुलिस ने बम की खबर को अफवाह बताया।`कोपल स्कूल में बम रखे होने की गलत सूचना देने वाले का पता नहीं चल पाया है।´ एमआर मालवीय, प्रभारी अधिकारी, कमला नगर थाना
घटना 3
24 अक्शनिवार को दोपहर 12.45 बजे एमपी नगर जोन-2 के सिटी अस्पताल में बम रखे होने की जानकारी पर दो घंटे तक बम स्कवाड और स्नीफर डाग ने तलाशी ली। इस दौरान किसी भी मरीज को भीतर नहीं जाने दिया गया। लेकिल दो घंटे की पड़ताल के बाद अस्पताल में कुछ नहीं मिला। `कॉल डिटेल्स के आधार पर झूठी सूचना देने वाले का पता किया जा रहा है।´ कुलवंत सिंह, थाना प्रभारी, एमपी नगर
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मंदिर हटाने पर मचा बवाल
ऋषि नगर स्थित सांईधाम मंदिर हटाने गए अमले पर पथराव, 14 पुलिसकर्मी घायलपुलिस ने भी भांजी लाठियॉं, ऑंसू गैस के गोले भी छोड़े, दर्ज़न भर लोग घायल, मंदिर हटाने से नाराज लोगों ने दिया धरना, मुख्यमंत्री के पुतले भी जलाए
भोपाल। चार इमली इलाके के ऋषि नगर में रविवार अलसुबह सरकारी भूमि पर स्थित सांई धाम मंदिर को सरकारी अमले ने पूरी तरह साफ कर दिया। इस बात की भनक लगते ही स्थानीय रहवासी और हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने वहॉं पहुॅंचकर पुलिस और प्रशासन पर पथराव शुरु कर दिया। इसमें 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने भी लाठियॉं भांजी और ऑंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें भी लगभग दर्ज़न भर लोग घायल हो गए। चोरी चुपके प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज लोगों ने उसी स्थान पर अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया। जिला प्रशासन और नगर निगम रविवार सुबह 4 बजे चार इमली इलाके के ऋषि नगर में स्थित सांई धाम मंदिर के अतिक्रमण को हटाने पहुॅंचा। पहुॅंचते ही अमले ने अपना काम शुरु कर दिया। आधे घंटे के भीतर अतिक्रमण हटा भी दिया गया। लेकिन जैसे ही प्रशासन द्वारा मंदिर हटाने की खबर रहवासियों और हिन्दू संगठनों को मिली, लोगों का वहॉं पहुॅंचना शुरु हो गया। मंदिर हटाने से नाराज लोगों ने अमले पर पथराव शुरु कर दिया। इसमें 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी जमकर लाठियॉं भांजी। इसके बाद पुलिस ने आधा दर्ज़न ऑंसू गैस के गोले भी छोड़े। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई। उत्पात मचाने वाले दर्ज़न भर से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हबीबगंज सीएसपी राजेश भदौरिया ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की गई है।
बजरंगियों ने जलाए मुख्यमंत्री के पुतले:मंदिर तोड़े जाने से नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहले तो सुबह 9.30 बजे घटना स्थल पर ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला जलाकर विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने दर्ज़न भर से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सुड़ेले ने बताया कि इसके बाद पूरे शहर में बजरंगियों ने करोंद, बरखेड़ा, पिपलानी पेट्रोल पंप, बैरागढ़, लालघाटी और नजीराबाद इलाके में मुख्यमंत्री के पुतले को आग के हवाले कर अपना विरोध जताया।
थाने में भी मचाया उत्पात:बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस शाहपुरा थाने ले गई। यहॉं भी बजरंगियों ने खूब उत्पात मचाया। थाने की टेबल-कुर्सी फेंक दी। बजरंगियों को हिरासत में लिए जाने से नाराज सैकड़ा भर से ज्यादा अन्य कार्यकर्ता भी शाहपुरा थाने पहुॅंच गए। सुडेले ने बताया कि पहले तो पुलिस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की बात कर रही थी लेकिन जब कार्यकर्ताओं ने जमानत लेने से मना कर दिया तो पुलिस ने उन्हें बिना श्ार्त रिहा कर दिया। इसमें विश्व हिन्दू परिषद के भोपाल विभाग संयोजक सुशील सुड़ेले, विहिप के देवेन्द्र रावत, कमलेश ठाकुर, विशाल पुरोहित, गुÈू चौहान शामिल थे। इसके अलावा पार्षद आशाराम शर्मा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
डटे रहे धरना स्थल पर:थाने से छूटकर भी हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ता िफर धरना स्थल पर पहुॅच गए हैं। उनकी मॉंग है कि मंदिर दोबारा उसी स्थान पर बनाया जाए। नगर निगम के अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति भी धरने में शामिल हुए।
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बाइक चुराने वाले तीन गिरोह के 9 सदस्य दबोचे
3 थानों की पुलिस ने मिलकर पकड़ी चोरी की

शनिवार, 24 अक्टूबर 2009

२४ octoober

कहीं आफत न ला दे ये अफवाह
भोपाल। राजधानी में बम की झूठी खबर से सनसनी फैलाने की ये पहनी करतूत नहीं है। इससे पहले भी जुलाई और अक्टूबर महीने में बम की झूठी खबर ने पुलिस और प्रशासन का समय बबाoद किया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उन शरारती लोगों का पता क्यों नहीं ढूॅढ पाई, जिन्होंने इतना ब़ड़ा झूठ बोला। ये सवाल इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी अफवाहों की पुनरावृित्तयॉं सूचना की संवेदनशीलता को खत्म कर सकती है। लिहाजा सही खबर पर भी अफवाह हावी होने की आशंका बनी रहती है।
ऐसी अफवाह फैलाने वालों का पुलिस गिरफ़्त से बाहर होना पुलिस के इंटेलीजेंस सिस्टम पर भी सवाल ख़ड़े करता है। यदि बम की अफवाह फैलाने वालों के प्रति पुलिस का रवैया यही रहा तो शरारती तत्वों की करतूतों में इजाफा होता रहेगा और आए दिन आम जनता भयभीत होती रहेगी। दरअसल इन मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाला इसीलिए भी लाजिमी है क्योंकि अब तक न तो कोपल स्कूल बम रखे होने की सूचना देने वाले को ढूॅंढा जा सका है न ही न्यू माकेoट के पंजाब नेशनल बैंक में बम रखे होने की खबर देने वाले का ठिकाना पता चल पाया है।
घटना 1.
27 जुलाई को नेहरु नगर स्थित स्थित कोपल हायर सेकेण्डरी स्कूल में दोपहर 1.45 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल में बम रखे होने की बात कही। उसने कहा कि 15 मिनट के भीतर विस्फोट हो जाएगा। बम स्क्वाड ने डे़ढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बम की सूचना को अफवाह बताया। अब तक उस व्यक्ति का पता नहीं मिल पाया जिसने यह झूठी सूचना दी थी।
घटना 2.
12 अक्टूबर को दोपहर 1.25 बजे टीटी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने कहा `वह बैंक को उ़ड़ा देंगे, यदि बचा सकते हो तो बचा लो।´ इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने फोन रख दिया। ब़ड़ी संख्या में पुलिस बल, डाग स्क्वॉड और बम स्कवॉड मौके पर पहुॅंचे। घंटेभर से ज्यादा की मशक्कत के बाद पुलिस को वहां कुछ हाथ नहीं लगा। िफर बम रखे होने की खबर को अफवाह बताया गया
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सिटी हॉिस्पटल में बम की खबर से अफरातफरी
बम डिस्पोजल स्कवाड और स्नीफर डाग ने ली तलाशी
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बम की बात अफवाह निकली भोपाल(नप्र)। एमपी नगर स्थित सिटी हॉिस्पटल में शनिवार दोपहर बम रखे होने की खबर से अफरातफरी मच गई। खबर पाकर पहुॅंचे बम स्कवाड और स्नीफर डाग ने डेढ़ घंटे तक अस्पताल के चप्पे-चप्पे को खंगाला लेकिन कुछ नहीं मिला। आखिरकार बम की खबर अफवाह निकली। लेकिन दो घंटे तक अस्पताल में हडकंप मचा रहा। मरीजों और उनके परिजनों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। ओपीडी के मरीजों को भीतर जाने से रोक दिया गया। लेकिन आखिरी तक एक बात समझ नहीं आई कि जब बम की खबर 12.45 पर मिल गई थी तो वरिष्ठ अधिकारी 3 बजे क्यों पहुॅंचे। एमपी नगर जोन-2 स्थित सिटी अस्पताल में दोपहर 12.45 बजे अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अस्पताल में बम रखे होने की जानकारी दी। गीता मजुमदार ने वह फोन रिसीव किया। बकौल गीता फोन पर अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि अस्पताल में बम रखा है। उसने चार बार बम रखे होने की बात दोहराई। उसकी आवाज सुनकर बात सच लगी। उसने बिना समय गंवाए बम की खबर अस्पताल के संचालक डॉ. गुप्ता को दी। गुप्ता ने इस बात की खबर कंट्रोल रुम में न देकर सीधे एमपी नगर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह के मोबाइल फोन पर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने सूचना पाकर तुरंत बम की खबर बम डिस्पोजल स्कवाड को दे दी। 10 मिनट के भीतर बम डिस्पोजल स्कवाड और स्नीफर डाग के साथ पुलिस बल मौके पर पहुॅंच गया। थाना प्रभारी ने बताया कि कॉल डिटेल्स के आध्
मरीजों को बाहर ही रोक दिया:जैसे ही बम की खबर मिली, ओपीडी मे जाने वाले मरीजों को बाहर ही रोक दिया गया। किसी भी मरीज और उनके परिजनों को भीतर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान अस्पताल में 30 से ज्यादा मरीज भी भर्ती थे। उनके परिजन खासे परेशान थे। इसके अलावा अस्पताल के 60 से ज्यादा डाक्टर और नसिøग स्टाफ भी मौके पर मौजूद था। इस दौरान अस्पताल का स्टाफ और मरीजों के परिजन खासे परेशान रहे।
दो घंटे बाद पहुॅंचे एएसपी:बम की खबर पाकर एएसपी चंद्रशेखर सोलंकी और एसडीओपी घनश्याम मालवीय 3 बजे वहॉं पहुॅंचे। अधिकारी के पहुॅंचने तक बम स्कवाड यह बता चुका था कि अस्पताल परिसर में बम नहीं रखा है।
--------------सड़क हादसे में डॉक्टर की मौत
मौके पर ही दम तोड़ दिया डॉक्टर ने
बस जब्त, चालक फरार
भोपाल। अयोध्या एक्सटेंशन गेट के पास शनिवार दोपहर एक कॉलेज बस ने स्कूटर सवार एक डॉक्टर को कुचल दिया। हादसा इतना दर्दनाक था कि दूसरों की जान बचाने वाले डाक्टर ने तड़पते हुए मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके शव की पहचान करना भी मुश्किल था। स्कूटर में मिले कुछ दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर की पहचान हो सकी।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक 65 वर्षीय डॉ. बीएल पूरी दोपहर 2.30 बजे लगभग अपनी स्कूटर से आनंद नगर की तरफ आ रहे थे। जब डॉ. पूरी बायपास रोड में अयोध्या एक्सटेंशन गेट नंबर एक के पास से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आ रही टीआईटी कॉलेज की बस क्रमांक एमएच-31 डब्ल्यू- 3666 ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। बस की टक्कर से डॉ. पूरी की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान स्कूटर में रखे कुछ दस्तावजों में दर्ज़ फोन नंबर पर बात कर की गई। पुलिस के मुताबिक डॉ. पूरी हमीदिया अस्पताल में भी पदस्थ रह चुके हैं।
पीछा कर पकड़ा बस को:
पुलिस ने टीआईटी कॉलेज की बस को जब्त कर लिया है। मौके से बस चालक बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज़ कर लिया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि हत्यारी बस का चालक घटना के बाद फरार हो रहा था, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने पीछा कर बस को रोक लिया। हालांकि चालक फरार होने में कामयाब रहा। बस के चके में खून के निशान लगे थे।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2009

चाकू अड़ाकर लूटने वाले 3 धराए
भोपाल। पिपलानी पुलिस ने चाकू अड़ाकर लूट करने के आरोप में तीन युवकों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। आरोपियों के पास से पुलिस ने लूट में प्रयोग की गई बाईक और लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है। पिपलानी थाना प्रभारी आआर बंसल ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि 13 मार्च की रात में विदिशा निवासी राजमोहन श्रीवास से बाइक सवार तीन बदमाशों ने नगदी 2 हजार रुपए और मोबाइल फोन चाकू की नोक पर लूट लिया था। इसी तरह 16 अक्टूबर को मयूरी परिसर रोड में सुरेश कुमार से भी बदमाशों ने चाकू की नोंक पर नगदी लूट ली थी। इन मामलों में पुलिस को आरोपियों की तलाश थी। इसमें अशोका गार्डन निवासी शादाब पिता मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद शोएब पिता मोहम्मद लईक और मोहम्मद सलीम पिता मोहम्मद अतीक को हिरासत में लेकर जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों से लूट में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने लूटे गए रुपए आपस में खर्च करना बताया है।
चोरी की बाइक के साथ 3 धराए
भोपाल। पिपलानी पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ 3 युवकों को गिरफ़्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी की 4 बाइक भी बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत 90 हजार रुपए बताई गई है। पिपलानी पुलिस के मुताबिक इलाके से हो रही बाइक चोरी को गंभीरता से लेते हुए बाइक चोरों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई थी। टीम के सदस्य को 22 अक्टूबर की रात को मुखबिर से खबर मिली थी कि निजामुद्दीन रोड में एक्टिवा क्रमांक एमपी-04 एनपी-7018 पर तीन संदिग्ध युवक देखे गए हैं। सूचना पर पहुॅंची पुलिस टीम ने संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर जब उनसे स्कूटी के दस्तावेज मॉंगे तो युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सख्ती से हुई पूछताछ में तीनों युवक टूट गए। उन्होंने उक्त एक्टीवा महीने भर पहले गॉंधी माकेoट से चोरी करना कबूल किया। पूछताछ में आरोपियों ने 3 अन्य बाइक भी चुराना कबूल किया। बरेली के छिंदमोड निवासी देवेन्द्र राजपूत पिता फूल सिंह, विनोद राजपूत पिता कोमल सिंह और पप्पू साहू पिता रामगोपाल साहू की निशानदेही पर चोरी की अन्य बाइकें भी बरामद कर लीं। तीनों आरोपियों की उम्र 26 से 29 साल के पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में आरोपियों से चोरी की और बाइक बरामद होंगी। आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज़ कर लिया गया है।
एजेंट बनकर चेक चुराया,

भोपाल(। हनुमानगंज इलाके की वेस्ट रेलवे कॉलोनी में रहने वाली एक वृ° महिला के घर एक मोबाइल कंपनी के सेल्स प्रमोशन एजेंट बनकर घुसे दो शातिरों ने पहले तो वृ°ा के चेक बुक से दो चेक चुरा लिए। िफर दोनों ने फर्जी हस्ताक्षर कर वृ° महिला के खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए। िश्ाकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कर लिया है। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक वेस्ट रेलवे कॉलोनी के मकान नंबर 23 में रहने वाली 80 वर्षीय सरस्वती पति जेपी यादव ने शिकायत की है कि हमीदिया रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में उसके नाम के अकाऊंट से 40 हजार रुपए फर्जी तरीक से निकाल लिए। महिला ने पुलिस को की गई शिकायत में बताया है कि एक निजी मोबाइल कंपनी के सेल्स प्रमोशन एजेंट बनकर अनुपशरण और पंकज नाम के दो युवक 26 सिंतबर को उनके घर आए थे। उन्होंने दस्तावेजों के नाम पर उनसे चेक बुक मॉंगी थी। संभवत: इसी दौरान उन्होंने दो चेक चुरा लिए थे। लेकिन उन्हें चेक चोरी होने की खबर नहीं थी। उन्हें इस बात का पता तब चला जब उनके खाते से 40 हजार रुपए कम हो गए। बैंक में पड़ताल करने पर पता चला कि रुपए चेक के माध्यम से निकाले गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कर लिया है। आरोपियों की तलाश जारी है।
कारतूस सहित लाखों का माल उड़ा ले गए चोर
भोपाल(नप्र)। गॉंधीनगर के बड़वाही इलाके में एक मकान से चोर 20 कारतूस और नगदी उड़ा ले गए। वारदात उस समय हुई जब मकान मालिक अपने घर में सो रहे थे। चोरों ने गिरमिट लगाकर दरवाजे में सुराख किया और चिटकनी खोलकर भीतर घुसे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। गॉंधी नगर पुलिस के मुताबिक बड़वाही निवासी 26 वर्षीय समीर अंसारी पिता मुजाहिद हसन अंसारी 22 अक्टूबर की रात अपने घर में अपने दोस्त अख्तर के साथ सो रहे थे। जब वह सुबह जागे तो उन्होंने घर का दरवाजा खुला पाया। घर का सारा सामान भी बिखरा हुआ था। आलमारी में रखी .22 बोर की 20 कारतूस नदारद थी और पेंट की जेब में रखा पर्स भी गायब था। पर्स में 10 हजार 300 रुपए रखे थे। पुलिस के मुताबिक चोरों ने गिरमिट लगाकर दरवाजे में सुराख किया और भीतर घुसे। इसके बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। समीर के पास .22 की लायसेंसी बंदूक है।
40 हजार का माल उड़ा ले गए चोर:गॉंधी नगर के शिवाजी वार्ड में रहने वाले एक एरॉनाटिक्स इंस्पेक्टर के सूने घर से चोर सोने चॉंदी के जेवर और नगदी उ़उा ले गए। वारदात उस समय हुई जब मकान मालिक अपने परिवार सहित अपने पिता की मौत की खबर पाकर बावई गए हुए थे। गॉंधी नगर पुलिस के मुताबिक शिवाजी वार्ड में मुकेश कुमार पिता नन्हेलाल बावने का मकान है। मुकेश एरॉनाटिक्स में इंस्पेक्टर हैं। 19 अक्टूबर को अपने पिता की मौत की खबर पाकर वह अपने परिवार सहित अपने गॉंव बावई गए हुए थे। अगले दिन उन्हें मकान मालकिन पूनम ने फोन पर सूचना दी कि उनके घर का ताला टूटा हुआ हैं। सूचना पाकर मुकेश घर लौटे तो पता चला कि घर में रखे 5 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के जेवर गायब हैं। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
नवासी उड़ा ले गई सवा लाख का माल:हनुमानगंज के बाल विहार इलाके में एक वृ° महिला के घर से नगदी और सोने चॉंदी के गहनों से भरी पेटी गायब हो गई है। वृ°ा ने शिकायत में बताया है कि उनके साथ रहने वाली उनकी 21 वर्षीय नवासी रुपयों और गहनों से भरी पेटी लेकर गायब हो गई है। पेटी में 70 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के गहने रखे थे। इसकी कीमत 1 लाख 32 हजार रुपए का बताई गई है। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक बाल विहार इलाके में रहने वाली 80 वर्षीय जुबेदा बी पति स्व. मोहम्मद खान ने शिकायत की है कि उनके साथ रहने वाली 21 वर्षीय शाहीन गुरुवार दोपहर से गायब है। वह अपने साथ पेटी भी ले गई है। पेटी में 70 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के गहने रखे थे। िश्ाकायत पर पुलिस ने शाहीन के खिलाफ नामजद मामला कायम कर लिया है।

२३ ओक्टूबर

चाकू अड़ाकर लूटने वाले 3 धराए
भोपाल। पिपलानी पुलिस ने चाकू अड़ाकर लूट करने के आरोप में तीन युवकों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। आरोपियों के पास से पुलिस ने लूट में प्रयोग की गई बाईक और लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है। पिपलानी थाना प्रभारी आआर बंसल ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि 13 मार्च की रात में विदिशा निवासी राजमोहन श्रीवास से बाइक सवार तीन बदमाशों ने नगदी 2 हजार रुपए और मोबाइल फोन चाकू की नोक पर लूट लिया था। इसी तरह 16 अक्टूबर को मयूरी परिसर रोड में सुरेश कुमार से भी बदमाशों ने चाकू की नोंक पर नगदी लूट ली थी। इन मामलों में पुलिस को आरोपियों की तलाश थी। इसमें अशोका गार्डन निवासी शादाब पिता मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद शोएब पिता मोहम्मद लईक और मोहम्मद सलीम पिता मोहम्मद अतीक को हिरासत में लेकर जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों से लूट में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने लूटे गए रुपए आपस में खर्च करना बताया है।
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चोरी की बाइक के साथ 3 धराए
भोपाल(नप्र)। पिपलानी पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ 3 युवकों को गिरफ़्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी की 4 बाइक भी बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत 90 हजार रुपए बताई गई है। पिपलानी पुलिस के मुताबिक इलाके से हो रही बाइक चोरी को गंभीरता से लेते हुए बाइक चोरों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई थी। टीम के सदस्य को 22 अक्टूबर की रात को मुखबिर से खबर मिली थी कि निजामुद्दीन रोड में एक्टिवा क्रमांक एमपी-04 एनपी-7018 पर तीन संदिग्ध युवक देखे गए हैं। सूचना पर पहुॅंची पुलिस टीम ने संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर जब उनसे स्कूटी के दस्तावेज मॉंगे तो युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सख्ती से हुई पूछताछ में तीनों युवक टूट गए। उन्होंने उक्त एक्टीवा महीने भर पहले गॉंधी माकेoट से चोरी करना कबूल किया। पूछताछ में आरोपियों ने 3 अन्य बाइक भी चुराना कबूल किया। बरेली के छिंदमोड निवासी देवेन्द्र राजपूत पिता फूल सिंह, विनोद राजपूत पिता कोमल सिंह और पप्पू साहू पिता रामगोपाल साहू की निशानदेही पर चोरी की अन्य बाइकें भी बरामद कर लीं। तीनों आरोपियों की उम्र 26 से 29 साल है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में आरोपियों से चोरी की और बाइक बरामद होंगी।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2009

योगेश पांडे भोपाल। दौड़-भाग भरी जीवन शैली में माता-पिता के पास बच्चों को देने के लिए समय भले ही न रह गया हो, लेकिन जवानी की दहलीज पर पहुॅंच रहे बच्चों की कारस्तानियॉं भी उनसे छुपी नहीं रह गई हैं या कम से कम उन्हें इसका कुछ अंदाज तो है ही। आजकल के मम्मी-डैडी ने अपने लाडलों के पीछे जासूस लगा रखे हैं। ये जासूस उनके लाडलों की कारस्तानियों पर नजर रखकर उसकी पूरी रिपोर्ट दे रहे हैं। रिपोर्ट में बच्चों के प्रेम प्रसंग के अलावा नशे की लत और फे्रंड सकिoल के स्टेटस का भी उल्लेख होता है। राजधानी में भी यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई के सिलसिले में राजधानी से बाहर गए बच्चों की गतिविधि जानने के लिए माता-पिता ज्यादा संजीदा है। इसके अलावा शहर में ही विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के पीछे भी जासूस घूम रहे हैं। ये जासूस बच्चों की गलoफे्रंड/ बॉयफ्रेंड के बारे में तो जानकारी जुटाते ही हैं, साथ ही बच्चों के दोस्तों के स्टेटस और उनके एडीक्शन के बारे में भी खबर रखते हैं। ये काम प्रशिक्षित जासूस करते हैं। हफ़्ते भर में दे देते हैं रिपोर्ट:संबंधित ऐजेंसी माता-पिता को उनके बच्चों की रिपोर्ट हफ़्ते भर में दे देती है। जिन बच्चों के पीछे जासूस लगे होते हैं, उन्हें ये कानोंकान खबर नहीं होती कि कोई अजनबी उन्हें वॉच कर रहा है। ऐसे मामलों में डिटेक्टिव एजेंसी माता-पिता से न्यूनतम 10 हजार रुपए की फीस लेती है। हालांकि दूरी, समय और स्टेटस के लिहाज से फीस बहुत ज्यादा भी होती है। राजधानी में कामकाजी माता-पिता अपने बच्चों की आदतों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। देना होता है प्राधिकार पत्र:जासूसी कराने के लिए डिटेक्टिव ऐजेंसी को बाकायदा एक प्राधिकार पत्र देना होता है। इसमें इस बात की लिखित सहमति दी जाती है कि वह संबंधित एजेंसी को संबंधित व्यक्ति के विषय में जानकारी जुटाने के लिए प्राधिकृत करते हैं। इसके बाद ही डिटेक्टिव अपना काम शुरू करते हैं।
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ज्यादातर मामलों में उन्हीं अभिभावकों ने हमसे संपर्क किया है, जो कामकाजी हैं और काम के कारण खुद अपने बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते। अब तक दर्ज़नों मामलों में बच्चों की गलoफे्रड, एडिक्श्ान और अन्य बातों की रिपोर्ट हमने उनके माता-पिता को दी है। इसके लिए समय और स्टेटस के लिहाज से अलग-अलग फीस तय है। राकेश शर्मा, डिटेक्टिव, क्रियेटिव इंटरडिपेंडेबल सर्विस

११ सितम्बर 2009

-भरोसे का कत्ल, इंसानियत पर कालिख-चंद बदमाश कर रहे मानवता को बदनामभोपाल (नप्र)। बाबा भारती और खड्गसिंह की कहानी सभी को याद होगी। आज भी कई खड्गसिंह हैं जो सÄदयता दिखाने वालों को ही लूट लेते हैं। राजधानी में पिछले दो माह में तीन ऐसी बड़ी वारदातें हुई जब बदमाशों ने लिफ़्ट लेकर लूटपाट की है। अब तो लोगों ने जरूरतमंदों को भी लिफ़्ट देने से तौबा कर ली है। सड़क किनारे खड़े किसी व्यक्ति को जरूरतमंद मानकर लिफ़्ट देना खतरे से खाली नहीं रह गया है। बदमाश लिफ़्ट लेने तक तो खुद को मुसीबत का मारा बताते हैं, िफर थोड़ा मौका तलाशकर अपना असली चेहरा उजागर करते हैं। ये लोग हथियारों के दम पर वाहन सवार को लूट लेते हैं। शहर में बढ़ती ऐसी वारदातों के कारण कई लोगों ने लिफ़्ट देना बंद कर दिया है। 21 अगस्त की रात स्थान- न्यू माकेoटसर्वधर्म कॉलोनी निवासी मानसरोवर कॉलेज के प्राचार्य प्रमेश गौतम अपने कुछ छात्रों और अभिभावकों को लेने स्टेशन गए हुए थे। प्रमेश जब स्टेशन पर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे, तब उन्हें स्टेशन पर ही एक युवक मिला। बातों ही बातों में उक्त युवक ने उन्हें लिफ़्ट देने के लिए राजी कर लिया। ट्रेन आने पर प्राचार्य की गाड़ी में कुछ छात्र और वह युवक भी बैठ गया। बाकी के छात्र ऑटो में सवार हुए। कार न्यू माकेoट स्थित कंचन लॉज में आकर रुकी। यहां प्राचार्य ने छात्रों के ठहरने का बंदोबस्त किया था। जब तक प्राचार्य छात्रों को ठहराने के लिए ऊपर लॉज पर गए, तब तक वह युवक मौका पाकर बैग लेकर उड़ गया। उस बैग में एक लाख तीन हजार रुपए थे। जैसे ही प्राचार्य नीचे उतरे तो गाड़ी में रखा बैग और उस युवक को न पाकर उनके होश फाख्ता हो गए। बाद में ऑटो चालक इख्तियार ने युवक का पीछा किया और उसे टीन शेड के पास दबोच लिया। --19 अगस्त की रातस्थान: चूना भट्टी राम मंदिरकान्हाकुंज निवासी जसवंत मालवीय (35) रात 1 बजे सिंधी कॉलोनी से वापस अपने घर लौट रहा था। बाइक सवार जसवंत से लिंक रोड नंबर 3 के पास अजनबी युवक ने लिफ़्ट मॉंगी। जसवंत ने उसे अपनी बाइक पर बिठा लिया। रास्ते में चूनाभट्टी राममंदिर के नजदीक पहुॅंचते ही युवक ने उससे रुकने कहा। इसके बाद बदमाश युवक ने जसवंत की कनपटी पर रिवाल्वर तान दी। बदमाश ने जसवंत से एक हजार रुपए नकदी और सोने की अॅंगूठी सहित 10 हजार का माल लूट लिया। 22 जुलाई:स्थान- मैनिट के पासशाहजहांनाबाद रामनगर कॉलोनी निवासी ऑटो चालक इमरान अली रात 1.30 बजे हबीबगंज स्टेशन से सवारी लेकर गया था। जब वह वापस लौट रहा था, तभी मैनिट के पास एक युवक ने ऑटो को रोका। उसने ऑटो चालक इमरान से एक महिला को प्रसूति के लिए अस्पताल ले जाने की बात कही। इसके बाद मैनिट के पास एक अंधेरी सड़क से थोड़ी दूर जाकर एक अन्य युवक मिला। दोनों ने ऑटो चालक को घेर लिया और उससे तलवार की नोंक पर 500 रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। इसके थोड़ी देर बाद िफर दूसरे ऑटो चालक नफीस से भी प्रसूता स्त्री को अस्पताल ले जाने के नाम पर बदमाशों ने तलवार अड़ाकर मोबाइल फोन और 700 रुपए नगदी छीन लिए।
बहरा बना रहे हैं ऑटो रिक्शा

भोपाल। राजधानी में हजारों ऐसे ऑटो रिक्शा हैं, जो राहगीरों को बहरा बना रहे हैं। सड़क पर शोर मचाने वाले ये ऑटो रिक्शा और अन्य वाहन इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विपरित असर डाल रहे हैं। बावजूद इसके न तो यातायात पुलिस शोर मचाने वाले वाहनों के खिलाफ कारगर कदम उठा रही है न ही परिवहन विभाग उन्हें परमिट जारी करने के दौरान इन बातों की पड़ताल कर रहा है।
अनुमान के मुताबिक राजधानी की सड़कों पर 10 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा दौड़ रहे हैं। ऑटो चालक अपने वाहन का पिकअप बढ़ाने के लिए सायलेंसर से छेड़छाड़ कर रहे हैं। ऐसे में इन ऑटो रिक्शा का शोर अन्य राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। केन्द्रीय मोटर यान नियम में सभी वाहनों के लिए उत्सजिoत ध्वनि के मानक तय कर दिए गए हैं। बावजूद इसके किसी को भी इस बात की परवाह नहीं है। यातायात पुलिस इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी के साथ उन लोगों को भी जिम्मेदार ठहरा रही है जो मानक से ज्यादा ध्वनि उत्सजिoत करने वाले यंत्र बना रहे हैं। पुलिस खुद भी दोषी ऑटो चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

नहीं है डेसीमल मीटर:
राजधानी पुलिस के पास ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए जरुरी डेसीबल मीटर ही नहीं है। ऐसे में ध्वनि प्रदूषण करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नियम 119 में प्रतिबंधित है प्रेशर हार्न:
केन्द्रीय मोटरयान नियम 119 में इस बात का साफ उल्लेख है कि वाहनों में मल्टीटोनर और प्रेशर हार्न लगाया जाना प्रतिबंधित होगा।

नियम 120 में है मानक ध्वनि का उल्लेख है:
केन्द्रीय मोटरयान के नियम 120 में सभी वाहनों के लिए अधिकतम ध्वनि का उल्लेख है। इससे ज्यादा ध्वनि होने पर वह शोर होगा।
अधिकतम ध्वनि:
दो पहिया वाहन: 80 डेसीमल
4 पहिया वाहन: 82 डेसीमल
व्यवसायिक वाहन: 85 डेसीमल
भारी ट्रक : 90 डेसीमल (अधिकतम ध्वनि)
राजध्ाानी यातायात एक नजर:
प्रमुख चौराहे: रॉयल माकेoट चौराहा: 2000 पीसीयूजीएडी चौराहा: 2000 पीसीयूलालघाटी चौराहा: 1500 पीसीयू प्रति घंटा----------------------------प्रमुख चौराहे: यातायात का दबावरोशनपुरा चौराहा: 3000 पीसीयू राजभवन चौराहा: 1500 पीसीयू पुलिस कंट्रोल रुम चौराहा: 2000 पीसीयूलिली टॉकीज चौराहा: 2000 पीसीयू प्रति घंटे व्यस्ततम समय में
पुलबोगदा : ट्रैिफक दबाव 2500 पीसीयू प्रति घंटे
भारत टॉकीज चौराहा: 3000 पीसीयू प्रति घंटेरेलवे स्टेशन चौराहा: 2500 पीसीयू प्रति घंटेबसस्टेण्ड चौराहा: 300 पीसीयू प्रति घंटे
ट्रैिफक का दबाव:हबीबगंज स्टेशन के सामने 1500 पीसीयू प्रति घंटेबोर्ड आिफस में 2500 पीसीयू प्रति घंटेसुभाष नगर फाटक: 1500 पीसीयू प्रति घंटे(पीक घंटों में )
बेतरतीब यातायात अब राजध्ाानी की बड़ी समस्या बन गया है। शहर में 4 लाख 50 हजार दो पहिया वाहन, डेढ़ लाख चार पहिया और दस हजार से ज्यादा ऑटो हैं। इसके बाद 700 मिनी बसें राजध्ाानी की सड़कों पर पूरे समय ध्ाींगामुस्ती मचा रहे हैं। स्कूल बस के नाम पर हजार बसें दौड़ रही है। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। यातायात पुलिस का कहना है कि वाहनों पर चालानी कार्यवाही से दुघoटनाओं पर लगाम लगाना संभव नहीं है। इसके पीछे तर्क ये है कि 1986-87 में पूरे प्रदेश में एक लाख चालान हुए थे और 1100 लोगों की सड़क दुघoटना में मौत हुई थी। जबकि पिछले साल 30 लाख से ज्यादा चालान काटे गए लेकिन 5700 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अकेले राजध्ाानी में वर्ष 2007 में 254 लोगों की मौत हो गई जबकि वर्ष 2008 में 279 लोग सड़क हादसे में शिकार हो गए।
प्रशासन और मोटरमालिक कर रहे पर्यावरण से खिलवाड़
4 सालों से बंद हैं 27 प्रदूषण जॉंच केन्द्र
भोपाल। राजध्ाानी की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहन जहर उगल रहे हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ ध्ारे बैठा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मॉनीटरींग में भी पुराने और डीजल वाहनों के द्वारा बेतहाशा प्रदूषण फैलाने की बात उजागर हो गई है। बावजूद इसके न तो यातायात पुलिस और न ही आरटीओ जहरीला ध्ाुऑं उगलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने तैयार हैं। कार्रवाई की बात पर यातायात पुलिस इसके लिए आरटीओ को जिम्मेदार ठहराती है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि वाहनों के प्रदूषण की जॉंच के लिए बने 27 केन्द्र बीते 4 सालों से बंद पड़े हैं। प्रदूषण फैलाने पर जब कार्रवाई ही नहीं हो रही है तो वाहन मालिकों ने प्रदूषण जॉंच करवाना भी बंद कर दिया है। केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 62 में इस बात का प्रावधान है कि वाहनों को िफटनेस के लिए प्रदूषण जॉंच में खरा उतरने का प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। इसी प्रावधान के तहत 30 जनवरी वर्ष 2001 को मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने मोटरयान के प्रदूषण की जॉंच के लिए प्रदूषण जॉंच केन्द्र को अधिकृत करने संबंधी योजना लागू की। इसके तहत वाहनों की संख्या के अनुपात में हर जिले में प्रदूषण जॉंच केन्द्रों की स्थापना किया जाना तय था। उक्त नियम में यह भी तय किया गया था कि प्रमाण पत्र देने के लिए तंत्र कैसे काम करेगा और कौन प्राधिकृत होगा। यह नियम पूरे प्रदेश में एक साथ लागू किया गया था। लेकिन राजधानी में ही जब नियमों की परवाह नहीं की जा रही है तो अन्य जिलों में स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्राधिकार पत्र पाने की अहर्ता:: आवेदक के पास मेकेनिकल/ ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की डिग्री, आईटीआई का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता हो: मोटरयान से उत्सजिoत होने वाले धुॅंएं की जॉंच की लिए स्मोक मीटर, गैस एनालाइजर और वाहनों की ट्यूनिंग के लिए आवश्यक उपकरण हों।
कलेक्टर करेंगे चयन:जॉंच केन्द्र का प्राधिकार देने के लिए परिवहन अधिकारी के माध्यम से अखबारों में विज्ञापन दिया जाएगा। वाहनों की संख्या के लिहाज से केन्द्रों की संख्या तय होगी। प्राधिकार पत्र जारी करने के लिए आवेदक का चयन संबंधित जिले के कलेक्टर करेंगे।
तीन वर्ष तक के लिए होगा वैध:नियम के तहत जॉंच केन्द्रों के प्राधिकार की कालावधि तीन वर्ष के लिए होगी।। कलेक्टर इसे एक वर्ष के लिए नवीनीकृत कर सकेंगे। नियम के तहत यह भी तय किया गया था कि वाहन की क्षमता के अनुरुप प्रदूषण जॉंच केन्द्र वाहन मालिकों से कितना शुल्क लेंगे।
पुराने और डीजल वाहन फैला रहे प्रदूषणराज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अगस्त 09 में लाल घाटी चौक और प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे पर वाहनों के उत्सर्ज़न की जांच की गई थी। बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहनों की उत्सर्ज़न जांच में सबसे ज्यादा डीजल वाहन प्रदूषण फैलाते पाए गए। इस दौरान 25 डीजल वाहनों की जांच की गई। इनमें से 13 वाहन (52 फीसदी) निर्धारित मानदंडों से ज्यादा उत्सर्ज़न करते पाए गए। पेट्रोल से चलने वाले 16 चार पहिया वाहनों की जांच में भी मानक से अिध्ाक उत्सर्ज़न करने वाले वाहन मिले। इसी प्रकार 64 दो पहिया वाहनों की जांच में भी प्रदूषण फैलाने वाले 5 वाहन मिले थे।

जरुरत ही नहीं तो क्यों कराएॅ जॉंच:नियमों के मुताबिक तो प्रदूषण जॉंच में खरा उतरने का प्रमाण पत्र अनिवार्य है लेकिन जब प्रमाणपत्र के अभाव में कार्रवाई ही नहीं होती और न ही परमिट लेने में कोई दिक्कत आती है, तो िफर कोई क्यों प्रदूषण जॉंच करवाएगा। आसानी से परमिट मिल जाने और कार्रवाई न होने के कारण हीे वाहन चालकों ने प्रदूषण जॉंच करवाना बंद कर दिया। जब जॉंच के लिए वाहन आने ही बंद हो गए तो जॉंच केन्द्र भी स्वत: ही बंद हो गए।
`इस मामले में आरटीओं की जिम्मेदारी बनती है। वह ऐसे वाहनों को परमिट ही क्यों जारी कर रहे हैं। हम से ही कार्रवाई की अपेक्षा क्यों की जाती है, आरटीओ की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती क्या! प्रदूषण जॉंच के प्रमाणपत्रों के बिना परमिट कैसे जारी हो रहे हैं।´ एसएस लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
`नियमों के मुताबिक तो वाहन को प्रदूषण जॉंच में खरा उतरने का प्रमाण होना चाहिए। लेकिन ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा है, इसे दिखवाना पड़ेगा।´
क्ष्ोत्रीय परिवहन अिध्ाकरी, आरआर त्रिपाठी
नप्र: योगेश पाण्डे

२२ अक्टूबर 2009

बैंक में आए 3 लाख रुपए के नकली लोट
राजधानी में बढ़ा नकली नोटों का चलन, मामला दर्ज़

भोपाल(नप)। राजधानी में नकली नोटों की आवक बढ़ती ही जा रही है। लेकिन पुलिस इस दिशा में बिल्कुल सुस्त दिख रही है। आईसीआईसीआई बैंक ने करीब 6 माह की अवधि में बैंक में आए लाख रुपए से ज्यादा के नकली नोट जमा कर पुलिस को हैरत में डाल दिया है। इससे बाजार में बड़े पैमाने पर नकली नोटों के चलन की आशंका को बल मिला है। िफलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि नकली नोटों के असल तस्करों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुॅंच पा रहे हैं। एमपी नगर पुलिस के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक की सूचना पर अलग-अलग कीमत की कुल 784 नोट बरामद की गई है। बैंक ने इन्हें नकली नोट बताया है। हैरत में डालने वाली बात तो ये है कि इसमें पॉंच सौ रुपए की नकली नोट की संख्या 468 है। ऐसे ही हजार रुपए की भी 62 नोट को नकली बताया गया है। सौ रुपए की 228 नोट और 50 रुपए की 25 नोटों को बैंक ने नकली बताया है। इसके अलावा 20 रुपए की केवल एक नोट नकली होना पाई गई है। इसमें कुल 3 लाख 20 हजार रुपए की नकली नोट होना बताया गया है।
साल भर पहले दी थी सूचना:बैंक में करेंसी शाखा की प्रभारी निहारिका पाण्डे ने 21 दिसंबर 2008 को पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद को नकली नोटों की जानकारी का आवेदन दिया था। लेकिन साल भर बाद पुलिस हरकत में आई। अब जाकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिंता की धारा 489 (क) के तहत मामला कायम किया गया है।
कहॉं से आ रहे हैं नकली नोट?ये पहला मौका नहीं है जब बैंक ने पुलिस को नकली नोट सौंपे हैं। इससे पहले भी रिजर्व बैंक के माध्यम से पुलिस ने बड़ी संख्या में नकली नोट बरामद किए हैं। लेकिन पुलिस अब तक यह पता नहीं कर पाई है कि नकली नोटों को बाजार में चलन में लाने के इस गोरखधंधे को कौन लोग अंजाम दे रहे हैं। माना जा रहा है कि इतनी कम अवधि में बैंक की एक शाखा में यदि इतनी बड़ी तादाद में नकली नोटों की आवक हुई है तो िफर अन्य वित्तीय प्रतिष्ठानों में क्या हाल होगा?
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गरीब के नाम से ले लिया 10 लाख का लोन
बैंक मैनेजर और बिल्डर ने किया कारनामा
भोपाल(नप्र)। मैसूर बैंक में दस्तावेजों में हेराफेरी कर 10 लाख रुपए की लोन की रकम हड़पने का मामला उजागर हुआ है। फरियादी को मामले का पता तब चला जब कुछ महीने पहले उसके घर बैंक का कर्मचारी लोन का ब्याज जमा करने की नोटिस लेकर आया। नोटिस देखकर फरियादी के होश फाख्ता हो गए। उसने पुलिस को इस बात की शिकायत की। शिकायत की जॉंच के बाद पुलिस ने बैंक अफसर, बिल्डर और एक शातिर दलाल के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले फरियादी ने अपने परिचितों के साथ भी ऐसी ही हेराफेरी की आशंका जताई है। ऐशबाग पुलिस के मुताबिक करोंद हाऊसिंग बोर्ड निवासी साजिद अहमद ने शिकायत की है कि नवंबर 2008 में उसे 25 हजार रुपयों की जरुरत थी। तब उसकी मुलाकात बैंक में दलाली करने वाले संजय जौहरी से हुई थी। जौहरी ने उसे लोन दिला देने का भरोसा दिलाया था। जौहरी को उसने कुछ दस्तावेज भी दिए थे। लेकिन उसे लोन के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला। लेकिन 5 मई 2009 को उसके घर मैसूर बैंक का एक कर्मचारी नोटिस लेकर दाखिल हुआ। उसने 10 लाख रुपए के लोन का ब्याज चुकाने की बात कही। साजिद ने जब बैंक में जाकर पूछताछ की तो शाखा प्रबंधक ने भी इस बात की पुष्टि की। प्रबंधक की बात सुनकर साजिद के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने शिकायत में बताया है कि वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है और 10 लाख रुपए का लोन लेने की बात वह सपने में भी नहीं सोच सकता। आवेदन की जॉंच के बाद पुलिस ने इस मामले में बैंक के तात्कालिन शाखा प्रबंधक एएस हेगड़े, फील्ड ऑिफसर रविन्द्र कुमार और बिल्डर पुष्पेन्द्र मिश्रा के साथ दलाल संजय जौहरी और बंटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम किया है।
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आग लगने से मारुति खाक, सवार थे स्कूली बच्चे
भोपाल। मिसरोद इलाके में वृंदावन गार्डन के पास गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। बच्चों को छोड़ने स्कूल जा रही एक मारुति जलकर राख हो गई। आग का कारण स्पाकिoंग बताया जा रहा है। मारुति में गैस कीट लगी थी। हालांकि समय रहते ड्रायवर अैर बच्चे आग देखकर सुरक्षित बाहर आ गए थे। देर शाम तक गाड़ी के मालिक का पता नहीं चल पाया है। मिसरोद पुलिस के मुताबिक स्कूली बच्चों को छोड़ने जा रही एक मारुति में सुबह 7 बजे लगभग अचानक आग लग गई। आग देखकर ड्रायवर और बच्चे तुरंत सुरक्षित बाहर आ गए। इससे पहले की ड्रायवर आग पर काबू पाने की कोशिश करता, मारुति पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग इतनी भीषण थी कि पुलिस गाड़ी का नंबर तक नहीं देख पाई। गाड़ी के चेचिस नंबर से उसके मालिक का पता किया जा रहा है। दोषी पाए जाने पर गाड़ी मालिक के खिलाफ मामला कायम किया जाएगा।
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बुधवार, 29 अप्रैल 2009

अपराध फाइल अप्रैल

बीएसएनएल के दफ़्तर में बंधक बनाकर किया दुष्कर्म
भोपाल। बीएसएनएल के दफ़्तर में दो युवतियों को बंधकर बनाकर उनसे जबरदस्ती करने के आरोप में पुलिस ने एक अधेड़ को हिरासत में लिया है। बंधक बनाकर रखी गई युवतियों ने पुलिस को बताया है कि आरोपी उन्हें अब तक जादू-टोने का भय दिखाकर प्रताड़ित करता रहा। आरोपी पॉंच बच्चों का पिता है और युवतियों के मोहल्ले में ही रहता है।
पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि बीती रात किसी ने विÙल माकेoट के बीएसएनएल दफ़्तर से लड़कियों के रोने की आवाज सुनकर पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इस पर हबीबगंज थाने के चीता-91 व महिला पुलिस अधिकारी जब मौके पर पहुॅंचे तो वहॉं से दो नव युवतियॉं डरी सहमी बाहर आईं। पूछताछ में इसमें से एक युवती ने बताया कि नर्मदा भवन के पास रहने वाला 42 वर्षीय शफीक अहमद पिछले चार महीने से उनके साथ जबरदस्ती कर रहा है। युवतियों ने बताया कि बीती रात उसने उन दोनों को एक शादी समारोह में चलने का झॉंसा देकर बुलाया और उन्हें बीएसएनएल के दफ़्तर ले आया। वहॉं उसने इसमें से एक के साथ जबरन दुष्कृत्य किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि आरोपी शफीक एयरकंडीशनर सुधारने का काम करता है और बीएसएनएल के इलेक्टि[ीशियन ठेकेदार द्वारा दैनिक मजदूरी पर रखा गया है। पुलिस के मुताबिक शफीक युवतियों को जादू-टोने का भय दिखाकर उनकी जुबान बंद रखता था। दो में से एक युवती नाबालिग है।
कैसी मिली दफ़्तर की चाबी?
पुलिस के मुताबिक अभी मामले की आगे जॉंच में इस बात की पड़ताल की जाएगी कि आरोपी को दफ़्तर की चाबी कैसे मिली? आरोपी जब दो युवतियों को लेकर दफ़्तर के भीतर गया तो वहॉं मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उन्हें क्यों नहीं रोका। ऐसे ही कई सवाल हैं जो मामले को पेचीदा बना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे। नप्र:
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लूट जोड़
भोपाल।
:16 अप्र्रैल सुबह 6.45 बजे राजीव नगर बी सेक्टर एमआईजी-52 निवासी 52 वर्षीय उमा सिंह से आकाश ऐवेन्यू के पास चेन झपटी
:इसी दिन सुबह 10.30 बजे माचना कॉलोनी के बी-2 मे रहने वाली 40 वर्षीय ममता नेमा से शिवानी कांपलेक्स के सामने चेन झपटी
:इसी दिन शाम 7.30 बजे गौतम नगर में 70 वर्षीय श्ाीला माथूर से पार्क के पास बाइक सवार बदमाश ने चेन झपटी
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:10 अप्रैल की रात 8 बजे शिवाजी नगर के मकान नंबर एफ 119/25 में रहने वाली डॉ. कीिर्त डाले पति डॉ. हरीश्ा डाले से बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को हबीबगंज में ई-5/ 117 में रहने वालीं 51 वर्षीय हेमलता सुराना से सुबह 7.45 बजे बाइक सवार ने झपटी चेन
11 अप्रैल को ही रात 8.30 बजे कोहेफिजा के डी-10 में रहने वालीं राजकुमारी बाफना के गले से बाइक सवार चेन ले उड़ा।
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लोफ़्लोर न चलाएं अभी
भोपाल। एयरकंडीशन्ड बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़के ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक ही नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने का भी यह प्रमुख कारण रहा है।
यातायात महकमे की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गड्ढे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने से पहले यातायात महकमे से मशविरा करना चाहिए था।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
शहर की चौड़ी सड़कों पर बड़ी बसें चलाएं
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
सड़क से ऊंचाई :
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गड्ढे
स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर ऊंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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बेहतर होगा कि इतनी तादाद में लक्जरी बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले । यातायात की जिम्मेदारी
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25 अप्रैल
मॉं के कमरे में घुसे बदमिजाज को बेटों ने जमकर धूना
भोपाल। गुनगा के पास रायपुर गॉंव के एक बदमिजाज आदमी को किसी अजनबी के घर बुरी नियत से घुसना महंगा पड़ गया। मॉं और बेटों ने मिलकर उस बदमिजाज को डंडे और पत्थरों से तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इस सबके बीच गॉंव का कोई आदमी उसे छुड़ाने भी नहीं आया। पुलिस ने मॉं-बेटों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है।
गुनगा पुलिस के मुताबिक रायपुर गॉंव में रहने वाला राधेश्याम दांगी रसिकमिजाज है। उसके कई महिलाओं से अंतरंग संबंध है। 24 अप्रैल की रात को वह गॉंव में ही रहने वाली कलाबाई पति स्व. बालमुकूंद के सोने के कमरे में छुपकर बैठ गया। जब राधेश्याम महिला के घर घुसा तब वह अपनी बहु और बेटों के साथ उनके चौके में थी। लेकिन इसी बीच घर की एक बहु को सास के कमरे से कुछ आवाज आई तो उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और अपने पति को बताया। कलाबाई के दोनों बेटों रमेश और सुरेश प्रजापति ने जब दरवाजा खोलकर देखा तो उनकी मॉं के कमरे में राधेश्याम छुपा बैठा था। दोनों बेटों से राधेश्याम का आचरण छिपा न था। अपनी मॉं के कमरे में ऐसे बदमिजाज आदमी को पाकर दोनों बेटों ने आक्रोश में अपनी मॉं के साथ उसे लाठी और पत्थरों से तब तक मारा जब तक राधेश्याम बेहोश नहीं हो गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने घायल राधेश्याम को हमीदिया में भर्ती करवा दिया और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है। बताया जाता है कि राधेश्याम की हालत गंभीर है। हालांकि गॉंव में भी राधेश्याम के प्रति सहानुभूति नहीं है। दूसरी
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मॉं के कमरे में घुसे बदमिजाज को बेटों ने जमकर धूना
भोपाल। गुनगा के पास रायपुर गॉंव के एक बदमिजाज आदमी को किसी अजनबी के घर बुरी नियत से घुसना महंगा पड़ गया। मॉं और बेटों ने मिलकर उस बदमिजाज को डंडे और पत्थरों से तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इस सबके बीच गॉंव का कोई आदमी उसे छुड़ाने भी नहीं आया। पुलिस ने मॉं-बेटों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है।
गुनगा पुलिस के मुताबिक रायपुर गॉंव में रहने वाला राधेश्याम दांगी रसिकमिजाज है। उसके कई महिलाओं से अंतरंग संबंध है। 24 अप्रैल की रात को वह गॉंव में ही रहने वाली कलाबाई पति स्व. बालमुकूंद के सोने के कमरे में छुपकर बैठ गया। जब राधेश्याम महिला के घर घुसा तब वह अपनी बहु और बेटों के साथ उनके चौके में थी। लेकिन इसी बीच घर की एक बहु को सास के कमरे से कुछ आवाज आई तो उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और अपने पति को बताया। कलाबाई के दोनों बेटों रमेश और सुरेश प्रजापति ने जब दरवाजा खोलकर देखा तो उनकी मॉं के कमरे में राधेश्याम छुपा बैठा था। दोनों बेटों से राधेश्याम का आचरण छिपा न था। अपनी मॉं के कमरे में ऐसे बदमिजाज आदमी को पाकर दोनों बेटों ने आक्रोश में अपनी मॉं के साथ उसे लाठी और पत्थरों से तब तक मारा जब तक राधेश्याम बेहोश नहीं हो गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने घायल राधेश्याम को हमीदिया में भर्ती करवा दिया और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज़ कर लिया है। बताया जाता है कि राधेश्याम की हालत गंभीर है। हालांकि गॉंव में भी राधेश्याम के प्रति सहानुभूति नहीं है। दूसरी
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लैलाओं के फेर में मजनू बन गया चोर
भोपाल। अपनी गलoफ्रेण्ड को खुश रखने और महंगे होटलों में खाने-ठहरने की आदत ने एक होनहार छात्र को शातिर चोर बना दिया। राजधानी पुलिस के हत्थे चढ़े 24 वर्षीय बाइक चोरी के आरोपी की यही कहानी है। हद तो ये है कि चोरी की गाड़ियों के साथ पकड़े जाने पर भी आरोपी को कोई मलाल नहीं है। उसने पुलिस को बताया है कि ज्यादा से ज्यादा गलoफे्रण्ड बनाकर उनके साथ `एंजॉय´ करने के लिए ही वह बाइक चुराता था।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक निशातपुरा के गली नंबर 54 के मकान नंबर 100 में रहने वाले संजय अहिरवार पिता महेश्ा कुमार ने दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद भी वह पढ़ाई में अव्वल बना रहा। लेकिन समय के साथ उसे ज्यादा से ज्यादा गलoफे्रण्ड बनाने का शौक हुआ। गलoफे्रण्ड के साथ महंगे होटलों में डेटिंग करना और महंगी शराब पीना युवक के शौक में शुमार हो गया। महिला मित्रों के लिए रुपया खर्च करने का फितूर सर पर ऐसे चढ़ा कि कैरियर और मॉ-बाप किसी की परवाह नहीं रह गई। छात्र के पिता नरसिंहगढ़ में शासकीय सेवा में पदस्थ हैं।
आखिर एक दिन खुल गया राज:
संजय एक दिन पिपलानी थाना क्षेत्र में एमपी-04 जी-9345 हीरो होण्डा स्पलेण्डर पर घूमता मिला तो पुलिस ने चेकिंग के दौरान उससे संबंधित बाइक के दस्तावेज मॉंगे। क्राइम ब्रांच ने जब युवक से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने बताया कि वह अपनी गलoफे्रण्ड को इंपे्रस करने के लिए बाइक चुराता है। पुलिस ने संजय के घर से कुल 9 बाइक बरामद की है। बरामद बाइक की कीमत ढ़ाई लाख रुपए बताई गई है। ये बाइक पिपलानी, गोविंदपुरा, बिलखिरिया, कोहेफिजा, मंगलवारा व एमपी नगर से चोरी होना पाई गई है। पुलिस के समक्ष आरोपी ने कुल 16 वाहनों की चोरी कबूली है लेकिन अभी 7 वाहनों की बरामदगी नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक आगे पूछताछ में इस बात का पता किया जाएगा कि उसने बाकी की बाइक कहॉं और किसे बेची? संजय ने पुलिस को बताया है कि वह ऐसे स्थान से बाइक चुराता था जहॉं लोग नशे में होते थे। इसके लिए वह मास्टर चाबी का इस्तेमाल करता था। बरामद बाइक में पल्सर, अपाचे, सीवीजी व स्पलेण्डर शामिल है। नप्र:
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सेवानिवृत्त बैंककर्मी के गले से झपटी चेन
आधे घंटे में दो शिकार
भोपाल। काली बाइक पर सवार नकाबपोश लुटेरे ने महिलाओं का सड़क पर निकलना दुभर कर दिया है। रविवार की सुबह सैर पर निकली दो महिलाओं के गले से चेन झपटकर सनसनी फैला दी। लूटेरे ने पहले 6.45 पर गौतम नगर में और 7.15 बजे एमपी नगर के रण्ाथंबौर कांपलेक्स के पास इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों मामलों में पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है।
गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक गौतम नगर में एफ/126 में रहने वाली 59 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुनेत्रा काने पति एसजी काने रोजाना की तरह रविवार को भी सुबह की सैर पर निकली। लेकिन सुबह 6.45 बजे जब वह अपने घर के सामने टहल रही थी तभी बाइक सवार एक बदमाश उनके गले से सोने की चेन उड़ा ले गया। सुनेत्रा ने पुलिस को बताया है कि लुटेरा हरे रंग की टीशर्ट और भूरे रंग का पेंट पहने था। वह मुँह पर सफेद कपड़ा बांधे हुए था। सुनेत्रा बदमाश की बाइक का नंबर नहीं देख पाई। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला दर्ज़ कर लिया है।
रणथंबौर कांपलेक्स के पास किया दूसरा शिकार:
पहली घटना के ठीक आधे घंटे बाद रणथंबौर कांपलेक्स के 3/14 में रहने वाली ऊषा शर्मा पति एसबी शर्मा को भी रविवार को सुबह की सैर महंगी पड़ गई। सुबह 7 बजे जब वह अपने घर से नजदीक ही रेलवे ट्रेक के किनारे की सड़क पर टहल रही थी तभी एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश आया और उसने उनके गले से सोने की चेन झपट ली। इससे पहले की महिला कुछ समझ पाती लुटेरा फरार हो गया। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है। उल्लेखनीय है कि राजधानी पुलिस काली बाइक और नकाब वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने की बात कर रही है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है।
लूट जोड़
पिछले 10 दिनों में लूट की मुख्य वारदातें:
:16 अप्र्रैल सुबह 6.45 बजे राजीव नगर बी सेक्टर एमआईजी-52 निवासी 52 वर्षीय उमा सिंह से आकाश ऐवेन्यू के पास चेन झपटी
:इसी दिन सुबह 10.30 बजे माचना कॉलोनी के बी-2 मे रहने वाली 40 वर्षीय ममता नेमा से शिवानी कांपलेक्स के सामने चेन झपटी
:इसी दिन शाम 7.30 बजे गौतम नगर में 70 वर्षीय शीला माथूर से पार्क के पास बाइक सवार बदमाश ने चेन झपटी
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:10 अप्रैल की रात 8 बजे शिवाजी नगर के मकान नंबर एफ 119/25 में रहने वाली डॉ. कीिर्त डाले पति डॉ. हरीश्ा डाले से बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को हबीबगंज में ई-5/ 117 में रहने वालीं 51 वर्षीय हेमलता सुराना से सुबह 7.45 बजे बाइक सवार ने झपटी चेन
:11 अप्रैल को ही रात 8.30 बजे कोहेफिजा के डी-10 में रहने वालीं राजकुमारी बाफना के गले से बाइक सवार चेन ले उड़ा।
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युवक से सरेराह पर्स लूटने वाले गिरफ़्तार
भोपाल। एमपी नगर में चार दिनों पहले एक युवक से सरेराह उसका मोबाइल और पर्स झपटने वाले बदमाशों को एमपी नगर पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल और पर्स के साथ लूट में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है।
एमपी नगर पुलिस के मुताबिक भानपुर के सबरी नगर में रहने वाले 33 वर्षीय राजेश पुत्र धन्नालाल लखेरा, 33 वर्षीय राकेश पुत्र सत्यनारायण रैकवार और 24 वर्षीय सुनील पिता हलके प्रसाद विश्वकर्मा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक क्रमांक एमपी-04 एमएफ-1651 एवं लूटा गया पर्स और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीनों आरोपी पहली बार आपराधिक वारदात में शामिल हैं। ये भी बताया गया है कि आरोपी मजदूरी का काम करते हैं और घटना के दिन वे अपना काम खत्म करके अपने घर वापस जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि 16 तारीख की रात को कमलेश नाम का युवक जब रात 11.30 बजे 1250 इलाके में स्थित अपने भाई के घर जा रहा था तब तीन बदमाशों ने रास्ता रोककर उससे उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया था। कमलेश ने पुलिस को बदमाशों की बाइक का नंबर भी बताया था। जिसकी वजह से पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में मदद मिल सकी। लूट के आरोपियों को पकड़ने में चेतक-4 के प्रताप सिंह राजपुत और मिथिलेश कुखूब मदद मिली।घटना स्थल के दिन सूनसान सड़क पर अकेले युवक को मोबाइल पर बात करता देख इन्होंने उससे मोबाइइन्होंनेलूट की के माध्यम से उन तक पहुँच सकीमारात को ं
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सुखीसेवनिया पुलिस के मुताबिक टाटा सूमो क्रमांक एमपी-40 डी-0346 मंगलवार सुबह मंडलेश्वर से लौट रही थी। इसमें शर्मा परिवार के लोग एवं उनके रिश्तेदार सवार थे। सुबह 5.30 बजे के लगभग फेमस ढाबे के पास सूमो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि उसमें सवार दो लोगो की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में विदिशा के तिलक चौक में रहने वाले 50 वर्षीय संतोष व्यास और 40 वर्षीय रमाकांत दुबे शामिल हैं। इसमें ऊषा शर्मा, जगदीश शर्मा, इनकी बेटी श्र°ा शर्मा, दामाद दीपक शर्मा, यामिनी शर्मा एवं बेटा उज्जवल शर्मा गंभीर रुप से जख्मी हो गए। घटना के बाद सूमो का ड्रायवर संतोष फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक सभी लोग उ\'ापन के लिए मंडलेश्वर गए हुए थे। जब वे वापस लौट रहे थे, तब ये घटना घटी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों को हमीदिया में भर्ती किया गया है। नप्र:
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अपर आयुक्त के खिलाफ भेदभाव की शिकायत
भोपाल। नगर निगम के एक अधिकारी के खिलाफ निगम के ही एक उपयंत्री ने जाति के आधार पर भेदभाव करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उपयंत्री ने इस आशय का एक शिकायत पत्र अजाक्त थाने को दिया है। हालांकि अभी थाने में प्रकरण पंजीब° नहीं हुआ है।
अजाक्स पुलिस के मुताबिक उपयंत्री अनिल चटवाने ने शिकायत की है कि निगम के अपर आयुक्त अरविंद दुबे उन्हें नीचली जात का मानकर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। अनिल ने शिकायत में अपरआयुक्त पर आरोप लगाया है कि वरीष्ठता क्रम में उसका नंबर आने पर भी असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर उसे पदोन्नति नहीं दी गई। उसके स्थान पर किसी सामान्य श्रेणी के उपयंत्री को इस पद पर पदोन्नत किया गया। अनिल ने शिकायत में ये भी कहा है कि विधानसभा चुनावों के दौरान उसे बखाoस्त किया गया था लेकिन अब तक बहाल नहीं किया गया। जबकि इसी अवधि में बखाoस्त सामान्य वर्ग के अन्य लोगों को बहाल कर दिया गया। उपयंत्री ने शिकायत में अपरआयुक्त पर अपना 4 माह की वेतन रोकने का भी आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि परीक्षण के उपरांत मामला दर्ज़ किया जाएगा। उपयंत्री से पुलिस ने पदोन्नति में भेदभाव से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। चुनाव ड्यूटी के चलते 24 अप्रैल को पुलिस ने उपयंत्री को बयान लेने के लिए तलब किया है। जॉंच की जइसके अलावा निम्न जाति का होने के कारण ही उसे पदोने उनके साथ भेदभावपूर्ण व्आरोप करतेइसमें आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने उन्हें नीची जाति का कहकर
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घटना के वक्त कहॉं थे बीएसएनएल खुद कराएगा कर्मचारियों कह कर्मचारी
फॉलोअप
भोपाल। वित्थल मार्केट के बीएसएनएल के दफ़्तर में बंधक बनाई गई युवतियों को जब पुलिस ने मुक्त कराया तब दफ़्तर में मौजूद कर्मचारी और गार्ड कहॉं गायब हो गए थे। इस बात की जॉच बीएसएनएल की विजिलेंस शाखा करेगी। मंगलवार को पुलिस ने बीएसएनएल के 3 वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर उन्हें विजिलेंस से जॉंच कराने की सलाह दी।
हबीबगंज पुलिस इस बात का दावा कर रही है कि जब छापा मारा गया तब दफ़्तर में शफीक और दो युवतियों के अलावा केवल स्वीच रुम में एक अधिकारी था। यह स्वीच रुम तीसरे तल पर है। ऐसे में पुलिस ने विजिलेंस से कहा है कि वह खुद जॉच कर यह बताए कि घटना के दिन दफ़्तर का गार्ड कहॉं था। पुलिस के मुताबिक घटना के एक महीने पहले से वहॉं गार्ड मौजूद नहीं है। पुलिस का कहनाहै कि उनके पास दफ़्तर में युवतियों के साथ किसी पुरुष के होने की पक्की जानकारी थी इसी कारण पुलिस ने वहॉं छापा मारा था। इसके अलावा पुलिस ने ठेककेदार से भी यह पूछा है कि शफीक के पास दफ़्तर की चाबी कैसे आई और घटना के दिन गार्ड कहॉं था। सूत्रों का तो ये भी कहना है कि खुद शफीक ही दफ़्तर में गार्ड की भूमिका निभाता था। घटना के अगले दिन वहॉं नए गार्ड को तैनात कर दिया गया है। नप्र:
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गुमशुदा बच्चों का फॉलोअप
भोपाल। घर के पास ही एक मंदिर में भंडारे में शिामल होने गया शालू ढ़ाई महीने हो गए, घर नहीं लौटा है। अपने इकलौते बेटे की याद में मॉं-बाप का बुरा हाल है। शालू की बहनें भी अपने भाई के लिए परेशान हैं। पिताजी तो मजबूरी में धंधे काम से लगे हैं पर मॉं का मन है कि मानता नहीं। वह पंडे-पूजारी के पास दूर-दूर तक अपने बेटे का पता पूछने चली जाती है।
निशातपुरा के हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी के एच-1218 में रहने वाले सेन परिवार पर तो जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता मोहनलाल और मॉं गीताबाई सेन का यह इकलौता चिराग 1 फरवरी से घर से लापता है। मोहनलाला करोंद के पास एक सेलून में काम करते हैं। उस दिन शालू अपने पिता के पास घर से टिफिन लेकर गया था। पिताजी ने उसे 27 रुपए दिए थे। 20 रुपए सब्जी के लिए, 5 रुपए छोटी बहन की कॉपी के लिए और 2 रुपए उसे चाकलेट खाने को। टिफिन लेकर शालू घर पहुॅंचा और उसने अपनी मॉं से पास के मंदिर में भंडारे में जाने की बात कहकर घर से निकला। जब देर शाम तक वह नहीं लौटा तो फिर घरवालों की चिंताएं बढ़ गईं। लेकिन खूब पता करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। शालू की मॉं अपने इकलौते चिराग का पता लगाने दूर-दूर पंडे-पूजारी के पास जा रही है। किसी ने शालू के उज्जैन में होने की बात कही थी तो मॉं-बाप दोनों 5 दिनों तक उज्जैन में ठहरे लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चला। शालू की तीन बहनें है। बड़ी बहन सोनिया 12वीं कक्षा में, दूसरी मोनिका 9वीं में और
मुंबई से आया था फोन:
शालू के गुम होने के दो महीने के बाद उनके मोबाइल नंबर 9981811446 पर एक फोन आया। यह फोन 02269537945 नंबर से आया। सोनिया कहती है कि फोन पर उसने पूछा कि उन्हें किससे बात करनी है तो जवाब मिला की तुमसे। लेकिन जब दोबारा हमने उसी नंबर पर फोन किया तो पता चला कि वह नंबर पिब्लक टेलीकॉम बूथ का है। सोनिया ने बताया कि उनका मुंबई में कोई रिश्तेदार नहीं है, कोई जान-पहचान वाला भी नहीं है। सोनिया को आशंका है कि कोई उसके छोटे भाई को अपने साथ जबरन मुंबई ले गया।
बाद पुलिस ने
हलषष्ठी के दिन लापता हुआ शालू:
शालू की बड़ी बहन सोनिया बताती है कि जिस दिन वह गया उस दिन हलषष्ठी थी। हलषष्ठी के दिन माता अपने बेटे की दीघाoयू के लिए प्रार्थना करती है। पिताइस दिन वह अपने पिताजी कको घर के पास हमें रहने वाला शालू 1 फरवरी से घर से लापता है।घर के अन्य सदस्यों अपनी ऑख के तारे के लिए परेशान है। शालू तीन बहनों का इकलौता भाई है। पिताजी तो धंधे काम मजबूरी में ले सेन परिवार का इकलौता बेटा का घर के घर में मा
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सरेराह चेन झपटने की कोशिश
भोपाल। राजधानी में लुटेरों का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को मनीषा कांपलेक्स के सामने एक अज्ञात बदमाश ने फिर एक राह चलती महिला के गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मनीषा कांपलेक्स में रहने वाली प्रतिभा पति अरुण भार्गव सुबह 9 बजे कोई सामान खरीदने के लिए माकेoट तक आई हुई थी। जब वह माकेoट से वापस अपने घर लौट रही थी, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात बदमाश ने महिला के गले से चेन झपटने की कोशिश की। हालांकि महिला की समझदारी से बदमाश अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो सका। महिला ने पुलिस को बताया है कि बदमाश की उम्र 16-17 साल के बीच थी। वह पैदल था और चेन झपटने में नाकाम रहने पर तेजी से वहॉं से फरार हो गया। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि थाने में इस आशय की कोई सूचना नहीं है।
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अब आईएएस अधिकारी की पत्नी से झपटी चेन/ पुराने मामले डालें
सुबह से शाम तक तीन लूट 25 अप्रैल की घटना है।
भोपाल। राजधानी में पुलिस की सुस्ती देख लुटेरे बैखौफ गए हैं। शुक्रवार की सुबह अपने घर के सामने टहल रही एक आईएएस अधिकारी की पत्नी के गले से लुटेरों ने चेन झपटकर सनसनी फैला दी। इसके बाद शाम को एटीएम से पैसा निकालकर बाहर निकली महिला को बदमाशों ने एटीएम के बाहर घेरकर 11 हजार की नगदी छीन ली। तीसरी घटना में बदमाश एक के जेब से नगदी उड़ाकर फरार हो गए।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक अरेरा कॉलोनी में ई-1/ 35 में आईएएस अधिकारी पंकज ि°वेदी का निवास है। वह हैदराबाद में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी नीरजा रोजाना की तरह आज भी सुबह जल्दी उठकर अपने घर के सामने टहल रही थी। उनके साथ उनका कुत्ता भी था। तभी पीछे से काले रंग की करिज्मा बाइक पर आया अज्ञात बदमाश उनके गले से दो सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। नीरजा ने पुलिस को बताया है कि लुटेरा पीछे से आया और उसने गले से दोनों चेन उ़ड़ा ली। उन्होंने पुलिस को ये भी बताया है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद ई-2 की तरफ भागा। लूटी गई चेन की कीमत 60 हजार रुपए बताई गई है। शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला कायम कर लिया है।
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एटीएम के बाहर महिला से लूटे 10 हजार
हबीबगंज में 10 नंबर स्टॉप के पास एक एटीएम से पैसा निकालकर बाहर निकली महिला से बदमाशों ने भरे बाजार में 11 हजार रुपए छीन लिए। खबर है कि इनमें एक को लोगों ने मिलकर पकड़ लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक दुर्गानगर के 217 नंबर मकान में रहने वाली जानकी बाई थाने के पास 10 नंबर स्टॉप के एटीएम से पैसे निकाल रही थी। जब वह एटीएम के भीतर थी, तभी बाहर खड़ा लड़का दरवाजा खटखटाकर उसे जल्दी बाहर आने का कहने लगा। जैसे ही वह बाहर आईं, वहॉं चार लोगों ने उसे घेर लिया और 11 हजार रुपए छीन लिए। महीला की चीख पुकार सुनकर लोगों ने चार में से एक बदमाश को दबोच लिया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर लूट का मामला तो कायम कर लिया है लेकिन लुटेरे के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की है।
जेब से उड़ा दी नगदी:
हबीबगंज में ही ओल्ड कैंपियन मैदान के पास एक कार सवार को मिले एक्टिवा सवार दो बदमाशों ने उनसे नगदी 700 रुपए छीन लिए। लूट का शिकार हुए रिलायंस के डिप्टी मैनेजर की पुलिस ने शिकायत तक नहीं लिखी। पुलिस ने इस मामले में आवेदन लेकर जॉंच कराने की बात कहकर लूट पर परदा डालने की कोशिश कर रही है। इस लूट से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मानसरोवर के रिलांयस दफ़्तर में डिप्टी मैनेजर (ऑपरेशन) धर्मेन्द्र परिहार अपने बॉस के साथ कार क्रमांक एमपी-04 सीवी-5980 से ओल्ड कैंपेन मैदान आ रहे थे। जब वे जा रहे थे तभी एक्टिवा सवार दो युवकों ने उनकी कार को ठोकर मार दी। इस पर धर्मेन्द्र ने उनसे कार में आई खरोंच को दुरुस्त करवाने की बात कही। इस पर एक युवक को गाड़ी में बैठकार धर्मेन्द्र माई कार के वर्कशॉप ले आए। दूसरा युवक अकेले एक्टिवा से आया। जब दोनों वर्कशाप पर पहुॅंचे तभी कार में साथ आए एक युवक ने धर्मेन्द्र की जेब से 700 रुपए झपट लिए और फरार हो गया। दूसरी तरफ उसका दोस्त गाड़ी स्टार्ट किए हुए था। दोनों वहॉं से फरार हो गए। धर्मेन्द जब इस मामले की शिकायत कराने पहुंचे तो पहले तो हबीबगंज ने वारदात दूसरी थाना क्षेत्र में होने की बात कहकर टाल दिया लेकिन जब धर्मेन्द्र जहॉंगीराबाद पहुंचे तो वहॉं भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। यहॉं भी पुलिस ने आवेदन लेकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस धर्मेन्द्र को कहती रही कि ऐसा कैसे संभव है। धर्मेन्द्र का कहना है कि राजधानी पुलिस का आम लोगों के साथ रवैया बिल्कुल सहयोगात्मक नहीं है।
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बैंक अधिकारी के घर से उड़ाया ढाई लाख का माल
भोपाल। प्रगति नगर में रहने वाले एक बैंक अधिकारी के घर से अज्ञात चोरों ने ढाई लाख रुपए का माल उड़ा दिया। वारदात तब हुई जब अधिकारी अपने परिवार के साथ शहर के बाहर गए हुए थे। शिकायत पर पुलिस ने मामला कायम कर लिया है।
गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक प्रगति नगर में ऋषिपुरम के पास ए-50 में सौरभ मिश्रा पिता भगवानदास मिश्रा का निवास है। सौरभ टीटी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पदस्थ हैं। 19 अप्रैल को सौरभ अपने परिवार के साथ सागर गए हुए थे। सौरभ की पत्नी टीटी नगर में अपने मायके में ही रुकी हुई थी। वह 21 तारीख को जब ऋषिपुरम के अपने घर में आई थी तब सबकुछ ठीक था। लेकिन सौरभ जब 23 तारीख को भोपाल लौटे तो उनके घर का ताला टूटा हुआ था। भीतर घर का सारा सामान भी बिखरा हुआ था। आलमारी में रखे सोने चॉंदी के आभूषण नदारद थे। पुलिस के मुताबिक चोर दूसरी मंजिल पर चढ़े और उन्होंने यहॉं का दरवाजा तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया। कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
-------------------
सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
--------------
अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
------------------
क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
:::::
अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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कि चोरी गए आभूषणों की कीमत दो से ढाई लाख रुपए है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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नहीं मिल सकेगा वाल्वो का सुख
यातायात ि
भोपाल। वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर का राजधानीवासियों का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नगर निगम ने शहर के लोगों को वाल्वो बसों में सफर के जो सब्जबाग दिखाए हैं, उस पर यातायात पुलिस ने आपित्त दर्ज़ कराई है। यातायात महकमे का कहना है कि अभी शहर की सड़कें ऐसी लोफ़्लोर बसों के लायक नहीं है। यातायात पुलिस का तर्क है कि स्टार बसों के असफल होने की मुख्य वजह भी यही सड़कें रही है।
यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो शहर में लोफ़्लोर लक्जरी बसें चलाने के हालात नहीं है। यहॉं न तो सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है न ही सड़कें इतनी सपाट है। जगह-जगह गÈे हैं, स्पीड ब्रेकर की ऊंॅचाई इतनी है कि लोफ़्लोर बसों के तल का इनसे टकराने का खतरा है। ट्रैफिक पुलिस के उपपुलिस अधीक्षक सतविन्दर सिंह लल्ली ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन्हें इस मामले में चेताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि नगर निगम को शहर में इतनी बड़ी तादाद में बसें चलाने की योजना बनाते हुए यातायात महकमे से तकनीकी राय सलाह लेनी चाहिए थी, जो निगम प्रशासन ने लेना उचित नहीं समझा।
समिति तय करे बसों के रुट:
यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक शहर में किन रुटों पर बसों की जरुरत है इस बात को तय करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। ये समिति ये तय करेगी कि किस क्षेत्र में रहने वालों लोगों को किस रुट पर बसों की ज्यादा जरुरत है। समिति की अनुशंसा के बाद ही बसों के रुट तय किए जाने चाहिए।
यातायात विभाग के सुझाव:
एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों को न दिया जाए परमिट
संकरी सड़कों पर टाटा मैजिक और आपे चलाए।
चौड़ी सड़कों पर ही चलाएं बड़ी बसें
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बीआरटीएस बनने के बाद ही सफल होगी लोफ़्लोर बसें:
यातायात पुलिस का मानना है कि अभी तो बीआरटीएस के तहत सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु हुआ है। ऐसे में लोफ़्लोर और लग्जरी बसें शहर में चलाने के लिए सड़कें बनने का इंतजार करना चाहिए। अन्यथा बदहाल सड़कों में महंगी बसों का हाल भी स्टार बसों की तरह होगा।
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सड़क से ऊॅंचाई:
लोफ़्लोर बस: 9 इंच
मैजिक : 12 इंच
मिनी बसें: 18 इंच
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अड़चनें:
सड़कों में 12 से 14 इंच के गÈे
स्पीड ब्रेकर की ऊॅंचाई 12 इंच
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क्या हो सकता है विकल्प:
बेहतर होगा यदि लंबी लोफ़्लोर बसें चलाने की अपेक्षा निगम 32 सीटर मेट्रो बसें चलाए। इसके फ़्लोर की ऊॅंचाई भी पर्याप्त है और लंबाई में कम होने केे कारण शहर की सड़कों में इसका आवागमन आसान होगा।
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अभी शहर की सड़कें लोफ़्लोर बसों के अनुकुल नहीं है। हमने नगर निगम को एक पत्र लिखकर इस विषय में बताया भी है। बेहतर होगा कि लोफ़्लोर बसें चलाने से पहले नगर निगम यातायात पुलिस से मशविरा ले ले।
सतविन्दर सिंह लल्ली, उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
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शादी के महीने भर बाद इंजीनियर ने लगाई फॉंसी
भोपाल। ग्यारह सौ क्वार्टर्स इलाके में एक 24 वर्षीय इंजीनिरिंग डिग्रीधारी एक युवक ने अपने घर में फॉंसी लगा ली। युवक की शादी को अभी एक महीना हुआ था। युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस के मुताबिक ग्यारह सौ क्वार्टर्स के जी-2 के मकान नंबर 99 में रहने वाले 24 वर्षीय राजीव वर्मा पिता एचएस वर्मा ने 26 अप्रैल को अपने घर में फॉंसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक युवक ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। उसकी शादी को अभी एक महीना हुआ था। रविवार की शाम को जब वह अपने घर में फॉंसी पर लटका तो परिजन उसे आयुष्मान अस्पताल ले गए। यहॉं परीक्षण के उपरांत डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी राजीव की मौत का कारण फॉंसी बताया गया है। राजीव के पिता वल्लभ भवन में कार्यरत हैं। उसके एक भाई और बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है नप्र:
आत्महत्या जोड़:
भोपाल।
1. सÊाद्रि परिसर के जूनियर एमआईजी-31 मे रहने वाले कंप्यूटर व्यवसायी निश्चल जैन ने 21 अप्रैल की रात को कंप्यूटर के वायर से फॉसी लगा ली। इससे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि उन्हें बेचैनी हो रही है, वह अपनी जान दे देंगे। जब तक पत्नी पड़ोसी को मदद के लिए बुलाने गईं, निश्चल फॉंसी लगा चुके थे।
2. 7 अप्रैल को नेहरु नगर के एलआईजी-46 में रहने वाले विवेक शुक्ला की लाश कलियासोत डेम के पास मिली थी। विवेक मोटी तनख्वाह पर कई बैंकों में काम कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक इलाके के कुछ लोग उससे अड़ीबाजी करते थे।
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