शनिवार, 24 अक्टूबर 2009

२४ octoober

कहीं आफत न ला दे ये अफवाह
भोपाल। राजधानी में बम की झूठी खबर से सनसनी फैलाने की ये पहनी करतूत नहीं है। इससे पहले भी जुलाई और अक्टूबर महीने में बम की झूठी खबर ने पुलिस और प्रशासन का समय बबाoद किया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उन शरारती लोगों का पता क्यों नहीं ढूॅढ पाई, जिन्होंने इतना ब़ड़ा झूठ बोला। ये सवाल इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी अफवाहों की पुनरावृित्तयॉं सूचना की संवेदनशीलता को खत्म कर सकती है। लिहाजा सही खबर पर भी अफवाह हावी होने की आशंका बनी रहती है।
ऐसी अफवाह फैलाने वालों का पुलिस गिरफ़्त से बाहर होना पुलिस के इंटेलीजेंस सिस्टम पर भी सवाल ख़ड़े करता है। यदि बम की अफवाह फैलाने वालों के प्रति पुलिस का रवैया यही रहा तो शरारती तत्वों की करतूतों में इजाफा होता रहेगा और आए दिन आम जनता भयभीत होती रहेगी। दरअसल इन मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाला इसीलिए भी लाजिमी है क्योंकि अब तक न तो कोपल स्कूल बम रखे होने की सूचना देने वाले को ढूॅंढा जा सका है न ही न्यू माकेoट के पंजाब नेशनल बैंक में बम रखे होने की खबर देने वाले का ठिकाना पता चल पाया है।
घटना 1.
27 जुलाई को नेहरु नगर स्थित स्थित कोपल हायर सेकेण्डरी स्कूल में दोपहर 1.45 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल में बम रखे होने की बात कही। उसने कहा कि 15 मिनट के भीतर विस्फोट हो जाएगा। बम स्क्वाड ने डे़ढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बम की सूचना को अफवाह बताया। अब तक उस व्यक्ति का पता नहीं मिल पाया जिसने यह झूठी सूचना दी थी।
घटना 2.
12 अक्टूबर को दोपहर 1.25 बजे टीटी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने कहा `वह बैंक को उ़ड़ा देंगे, यदि बचा सकते हो तो बचा लो।´ इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने फोन रख दिया। ब़ड़ी संख्या में पुलिस बल, डाग स्क्वॉड और बम स्कवॉड मौके पर पहुॅंचे। घंटेभर से ज्यादा की मशक्कत के बाद पुलिस को वहां कुछ हाथ नहीं लगा। िफर बम रखे होने की खबर को अफवाह बताया गया
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सिटी हॉिस्पटल में बम की खबर से अफरातफरी
बम डिस्पोजल स्कवाड और स्नीफर डाग ने ली तलाशी
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बम की बात अफवाह निकली भोपाल(नप्र)। एमपी नगर स्थित सिटी हॉिस्पटल में शनिवार दोपहर बम रखे होने की खबर से अफरातफरी मच गई। खबर पाकर पहुॅंचे बम स्कवाड और स्नीफर डाग ने डेढ़ घंटे तक अस्पताल के चप्पे-चप्पे को खंगाला लेकिन कुछ नहीं मिला। आखिरकार बम की खबर अफवाह निकली। लेकिन दो घंटे तक अस्पताल में हडकंप मचा रहा। मरीजों और उनके परिजनों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। ओपीडी के मरीजों को भीतर जाने से रोक दिया गया। लेकिन आखिरी तक एक बात समझ नहीं आई कि जब बम की खबर 12.45 पर मिल गई थी तो वरिष्ठ अधिकारी 3 बजे क्यों पहुॅंचे। एमपी नगर जोन-2 स्थित सिटी अस्पताल में दोपहर 12.45 बजे अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अस्पताल में बम रखे होने की जानकारी दी। गीता मजुमदार ने वह फोन रिसीव किया। बकौल गीता फोन पर अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि अस्पताल में बम रखा है। उसने चार बार बम रखे होने की बात दोहराई। उसकी आवाज सुनकर बात सच लगी। उसने बिना समय गंवाए बम की खबर अस्पताल के संचालक डॉ. गुप्ता को दी। गुप्ता ने इस बात की खबर कंट्रोल रुम में न देकर सीधे एमपी नगर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह के मोबाइल फोन पर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने सूचना पाकर तुरंत बम की खबर बम डिस्पोजल स्कवाड को दे दी। 10 मिनट के भीतर बम डिस्पोजल स्कवाड और स्नीफर डाग के साथ पुलिस बल मौके पर पहुॅंच गया। थाना प्रभारी ने बताया कि कॉल डिटेल्स के आध्
मरीजों को बाहर ही रोक दिया:जैसे ही बम की खबर मिली, ओपीडी मे जाने वाले मरीजों को बाहर ही रोक दिया गया। किसी भी मरीज और उनके परिजनों को भीतर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान अस्पताल में 30 से ज्यादा मरीज भी भर्ती थे। उनके परिजन खासे परेशान थे। इसके अलावा अस्पताल के 60 से ज्यादा डाक्टर और नसिøग स्टाफ भी मौके पर मौजूद था। इस दौरान अस्पताल का स्टाफ और मरीजों के परिजन खासे परेशान रहे।
दो घंटे बाद पहुॅंचे एएसपी:बम की खबर पाकर एएसपी चंद्रशेखर सोलंकी और एसडीओपी घनश्याम मालवीय 3 बजे वहॉं पहुॅंचे। अधिकारी के पहुॅंचने तक बम स्कवाड यह बता चुका था कि अस्पताल परिसर में बम नहीं रखा है।
--------------सड़क हादसे में डॉक्टर की मौत
मौके पर ही दम तोड़ दिया डॉक्टर ने
बस जब्त, चालक फरार
भोपाल। अयोध्या एक्सटेंशन गेट के पास शनिवार दोपहर एक कॉलेज बस ने स्कूटर सवार एक डॉक्टर को कुचल दिया। हादसा इतना दर्दनाक था कि दूसरों की जान बचाने वाले डाक्टर ने तड़पते हुए मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके शव की पहचान करना भी मुश्किल था। स्कूटर में मिले कुछ दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर की पहचान हो सकी।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक 65 वर्षीय डॉ. बीएल पूरी दोपहर 2.30 बजे लगभग अपनी स्कूटर से आनंद नगर की तरफ आ रहे थे। जब डॉ. पूरी बायपास रोड में अयोध्या एक्सटेंशन गेट नंबर एक के पास से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आ रही टीआईटी कॉलेज की बस क्रमांक एमएच-31 डब्ल्यू- 3666 ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। बस की टक्कर से डॉ. पूरी की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान स्कूटर में रखे कुछ दस्तावजों में दर्ज़ फोन नंबर पर बात कर की गई। पुलिस के मुताबिक डॉ. पूरी हमीदिया अस्पताल में भी पदस्थ रह चुके हैं।
पीछा कर पकड़ा बस को:
पुलिस ने टीआईटी कॉलेज की बस को जब्त कर लिया है। मौके से बस चालक बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज़ कर लिया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि हत्यारी बस का चालक घटना के बाद फरार हो रहा था, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने पीछा कर बस को रोक लिया। हालांकि चालक फरार होने में कामयाब रहा। बस के चके में खून के निशान लगे थे।

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