पुलिस पिटाई से मौत मामले की न्यायायिक जॉंच शुरु
भोपाल। पुलिस की पिटाई से युवक की कथित मौत की न्यायिक जॉंच शुरु हो गई है। एसपी जयदीप प्रसाद ने सीजेएम को पत्र लिखकर मामले की न्यायायिक जॉंच का अनुरोध किया था। एसीजेएम एके सिंह ने कस्तुरबा अस्पवताल पहुॅंचकर मामले की जॉंच शुरु कर दी। सोमवार सुबह मृतक युवक के परिजनों के कस्तुरबा अस्पताल पहुॅंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। मृतक के दोस्त विक्रम ने अपने शुरुआती बयानों से पुलिस को काफी राहत पहुॅंचाई है। उसने बताया है कि पुलिस ने उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। रामजग की थाने से बाहर आकर तबीयत खराब हुई, िफर उसे अस्पताल ले जाया गया। वहॉं उसकी मौत हुई। सोमवार सुबह रामजग के बड़े भाई शशि प्रताप सिंह के पहुॅंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया पहुॅंचाया गया। शशि ने नवदुनिया को बताया कि उसे रविवार दोपहर फोन पर खबर मिली थी। उस वक्त वह रीवा में था। रीवा से वह सीधा भोपाल पहुॅंच गया। यहॉं उसके साथ उसके अन्य रिश्तेदार और दोस्त भी पहुॅंच गए थे। शशि ने बताया कि अभी उसे पुलिस की पिटाई के कारण मौत की खबर नहीं है। पुलिस और रामजग के दोस्त विक्रम ने ही उसे यह बताया कि उनका भाई रामजग उन्हें संदिग्ध दिखा था। जब पुुलिस पूछताछ करने उसके पास पहुॅंची तो वह भागने लगा। इसके बाद पीछा कर पुलिस ने उसे पकड़ा और थाने लाई। यहॉं पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। रामजग के पिता महेन्द्रनाथ शहडोल में बीएसएनएल में क्लर्क हैं। बेटे की मौत की खबर से पूरे परिवार में मातम है।
क्या है मामला:रविवार दोपहर शक्ति नगर एटीएम के पास से पुलिस ने रामजग और उसके दोस्त विक्रम को पीछा कर पकड़ा था। पुलिस दोनों दोस्तों को लूट के मामले में संदिग्ध मानकर पकड़कर थाने लाई थी। इसके बाद इनसे सख्ती से पूछताछ हुई। रामजग को पुलिस ने कथित तौर पर इतना मारा कि उसकी जान निकल गई। इसके बाद पुलिस ने कहानी गढ़ी कि शक्ति नगर एटीएम के पास रामजग चक्कर आकर गिर गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। यहॉं उसकी मौत हो गई।
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