28 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
भोपाल। बैंक में आए लाख रुपए से ज्यादा के नकली लोट
राजधानी में बढ़ा नकली नोटों का चलन, मामला दर्ज़
भोपाल(नप)। राजधानी में नकली नोटों की आवक बढ़ती ही जा रही है। आईसीआईआई बैंक द्वारा सवा तीन लाख रुपए की नकली करेंसी जमा कराए अभी हफ़्ता भी नहीं गुजरा था कि रिजर्व बैंक ने िफर 6 लाख रुपए की नकली नोट थाने में जमा कराए हैं। लाखों रुपए के ये नकली नोट से खुद पुलिस भी सकते में है। हफ़्ते भर में आए लगभग 10 लाख रुपए की नकली करेंसी थाने में जमा होने से बाजार में बड़े पैमाने पर नकली नोटों के चलन की आशंका और पुख्ता हुई है। िफलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि नकली नोटों के असल तस्करों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुॅंच पा रहे हैं। एमपी नगर पुलिस के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 6 लाख 52 हजार कीमत के कुल 4970 नोट जमा कराए हैं। इसमें एक हजार रुपए की 63 नोट और 500 रुपए की 538 नोट है। इसके अलावा 100 रुपए की 3059 नोट है। 288 नोट 50 रुपए के हैं। 20 रुपए की 12 और 10 रुपए की 10 नोट है। एमपी नगर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक में बीते 4 महीने की अवधि में विभिन्न बैंकों ने यह नकली करेंसी जमा कराई है।
रेवेन्यू इंटेलीजेंस को दें नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा
भोपाल(नप्र)। नकली नोटों के तस्करों को पकड़ने का जिम्मा डायरोक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस जैसी किसी बड़ी ऐजेंसी को दिया जाना चाहिए। नकली नोटों के सौदागर सीमा पार से अपने काम का संचालन करते हैं, ऐसे में स्थानीय पुलिस का उन तक पहुॅंच पाना संभव नहीं है। नकली करेंसी हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा संकट है। सोमवार को राजधानी में हुई नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की बैठक के दौरान जब नकली करेंसी पर बात छिड़ी तो राजधानी के ही एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह सुझाव देकर देश भर से आए विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। देश भर से आए सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए उसे विचारणीय बताया। सुझाव के पीछे तर्क यह था कि किसी थाने की पुलिस नकली नोटों के गिरोह को पकड़ने में सक्षम नहीं है। अधिकारी ने यह भी कहा था कि यह बात इसीलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि नकली नोटों के पाकिस्तान से होकर नेपाल और बांग्लादेश होते हुए हिन्दुस्तान पहुॅंचने की बात उजागर हो चुकी है। िफर स्थानीय पुलिस कैसे किसी पड़ोसी देश में छिपे आरोपी के विषय में पड़ताल कर सकती है। केंद्रीय ऐजेंसी यदि यह काम करती है, तो नकली नोटों के तस्करों तक पहुॅंचने में आसानी होगी।
नहीं हो पाती विवेचना:जिस थाने में नकली नोट जमा होते हैं, वहॉं इस मामले की सही विवेचना नहीं हो पाती। मामला दर्ज़ करने के बाद खुद पुलिस अधिकारी कहते हैं कि इसमें क्या विवेचना हो सकती है। दरअसल रिजर्व बैंक जो नोट जमा करता है, वह किसी एक बैंक या एक स्थान की नहीं होती बल्कि दर्ज़नों बैंकों की होती है। ऐसे में पुलिस के लिए मामले की विवेचना कर पाना संभव ही नहीं होता।
अज्ञात व्यक्ति पर होता है मामला दर्ज़:जिस व्यक्ति के पास एक या दो नकली नोट मिलती है, व्यवहारिक तौर पर उसके खिलाफ मामला दर्ज़ नहीं किया जाता है। बल्कि उसे बैंकों के माध्यम से रिजर्व बैंक में जमा करा दिया जाता है। जब रिजर्व बैंक पुलिस को नकली नोटों की जानकारी देती है तब नोट बरामद कर उसे जॉंच के लिए नासिक भेजकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिंता की धारा 489(क) के तहत मामला दर्ज़ किया जाता है।
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अब पुलिस बचाएगी मलेरिया और डेंगू से
थानों में नहीं दिखेगी गाजर घास
भोपाल। डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से आमजनमानस को बचाने का जिम्मा अब पुलिस ने भी उठा लिया है। ग्राम और नगर रक्षा समितियों की मदद से पुलिस ने जनता को इन रोगों से बचने के नुस्खे बताने शुरु कर दिए है। अभियान की शुरुआत विदिशा से हो गई है। इसके अलावा गाजर घास को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह मानकर थाना और पुलिस लाईन परिसर से गाजर घास भी हटाई जा रही है। दरअसल ये आयडिया विदिशा जिला रक्षा समिति का है। जैसे ही रक्षा समिति के सदस्य आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव के पास पहुॅंचे तो आईजी ने उनकी इस पहल में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इसके लिए शुरुआती तौर पर बाकायदा 14 हजार पैंपलेट भी बनवाए गए हैं। इसमें गॉंव-गॉंव में जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि किस तरह सावधानी बरतकर डेंगू, और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों से बचा जा सकता है।
थानों से हटेगी गाजर घास:आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर 1 नवंबर से 7 नवंबर तक स्वणिoम मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत थानों में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमंें थानों में साफ-सफाई के अलावा थाना परिसर से गाजर घास को भी हटाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा भोपाल जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र भी लिख दिया गया है।
स्वच्छ थाना पुरस्कृत होगा:स्वच्छता कार्यक्रम के तहत सबसे स्वच्छ थाने को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए हर जिले में पुलिस अधिकारियों की कमेटी भी बनाई जा रही है। कमेटी थानों का दौरा कर पुरस्कार तय करेगी। ------------------------
हमने सभी एसपी को पत्र लिखकर थानों से गाजर घास हटाने और थानों में स्वच्छता अभियान चलाने कहा है। इसके अलावा विदिशा ग्राम जिला रक्षा समिति की पहल को दूसरों जिलों को भी बताया जा रहा है। ताकि वहॉं भी पुलिस लोगों को जागरुक करने का काम करे। शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल रेंज
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