गुरुवार, 22 अक्टूबर 2009

योगेश पांडे भोपाल। दौड़-भाग भरी जीवन शैली में माता-पिता के पास बच्चों को देने के लिए समय भले ही न रह गया हो, लेकिन जवानी की दहलीज पर पहुॅंच रहे बच्चों की कारस्तानियॉं भी उनसे छुपी नहीं रह गई हैं या कम से कम उन्हें इसका कुछ अंदाज तो है ही। आजकल के मम्मी-डैडी ने अपने लाडलों के पीछे जासूस लगा रखे हैं। ये जासूस उनके लाडलों की कारस्तानियों पर नजर रखकर उसकी पूरी रिपोर्ट दे रहे हैं। रिपोर्ट में बच्चों के प्रेम प्रसंग के अलावा नशे की लत और फे्रंड सकिoल के स्टेटस का भी उल्लेख होता है। राजधानी में भी यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई के सिलसिले में राजधानी से बाहर गए बच्चों की गतिविधि जानने के लिए माता-पिता ज्यादा संजीदा है। इसके अलावा शहर में ही विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के पीछे भी जासूस घूम रहे हैं। ये जासूस बच्चों की गलoफे्रंड/ बॉयफ्रेंड के बारे में तो जानकारी जुटाते ही हैं, साथ ही बच्चों के दोस्तों के स्टेटस और उनके एडीक्शन के बारे में भी खबर रखते हैं। ये काम प्रशिक्षित जासूस करते हैं। हफ़्ते भर में दे देते हैं रिपोर्ट:संबंधित ऐजेंसी माता-पिता को उनके बच्चों की रिपोर्ट हफ़्ते भर में दे देती है। जिन बच्चों के पीछे जासूस लगे होते हैं, उन्हें ये कानोंकान खबर नहीं होती कि कोई अजनबी उन्हें वॉच कर रहा है। ऐसे मामलों में डिटेक्टिव एजेंसी माता-पिता से न्यूनतम 10 हजार रुपए की फीस लेती है। हालांकि दूरी, समय और स्टेटस के लिहाज से फीस बहुत ज्यादा भी होती है। राजधानी में कामकाजी माता-पिता अपने बच्चों की आदतों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। देना होता है प्राधिकार पत्र:जासूसी कराने के लिए डिटेक्टिव ऐजेंसी को बाकायदा एक प्राधिकार पत्र देना होता है। इसमें इस बात की लिखित सहमति दी जाती है कि वह संबंधित एजेंसी को संबंधित व्यक्ति के विषय में जानकारी जुटाने के लिए प्राधिकृत करते हैं। इसके बाद ही डिटेक्टिव अपना काम शुरू करते हैं।
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ज्यादातर मामलों में उन्हीं अभिभावकों ने हमसे संपर्क किया है, जो कामकाजी हैं और काम के कारण खुद अपने बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते। अब तक दर्ज़नों मामलों में बच्चों की गलoफे्रड, एडिक्श्ान और अन्य बातों की रिपोर्ट हमने उनके माता-पिता को दी है। इसके लिए समय और स्टेटस के लिहाज से अलग-अलग फीस तय है। राकेश शर्मा, डिटेक्टिव, क्रियेटिव इंटरडिपेंडेबल सर्विस

5 टिप्‍पणियां:

  1. भाई योगेश जी नई चीज निकाल कर लाये है वाह !!

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  2. paristhitiyo par najar jaruri hai par uchit maadhyam se ho.

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  3. चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. मेरी शुभकामनाएं.
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    हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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  4. हिंदी ब्लॉग परिवार में आपका स्वागत है!लिखते रहिये और पढ़ते रहिये....

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