31 अक्टूबर की प्रमुख खबरें:
नौकर ही निकला लूट काण्ड का आरोपी
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था संतू नेअपने एक साथी के साथ की थी वारदातपुलिस को 10 हजार रुपए ईनाम की घोषणा
भोपाल। गुफा मंदिर रोड पर तीन दिन पहले एक दुकान में घुसकर चाकू की नोंक पर डेढ़ लाख रुपयों की लूट का षडयंत्र खुद दुकान के नौकर संतू ने ही रचा था। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने संतू और उसके साथी को गिरफ़्तार कर उनके पास से लूटे गए रुपए भी बरामद कर लिए हैं। दुकान मालिक ने कार्रवाई पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए पुलिस को 10 हजार रुपयों का ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि संतू ने खुद को चाकू से घायल कर यह षडयंत्र रचा था। उसने पुलिस को यह बताया था कि चाकू की नोंक पर लाल रंग की बाइक से आए दो युवकों ने लूट की थी। लेकिन घटनास्थल पर पहुॅंची पुलिस ने जब देखा कि 10 दराजों में से बदमाशों ने उन्हीं दराजों को खोला, जिनमें रुपए रखे थे। इस आधार पर पुलिस का शक दुकान से अच्छी तरह परिचित शख्स पर गहरा गया था। संतू के अस्पताल से छूट्टी होते ही पुलिस ने उससे बारिकी से पूछताछ शुरु की तो संतू के बयानों और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों में विरोधाभाष उजागर हुआ। इस पर पुलिस ने संतू को ही संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। संतू से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया। उसने कोलार के सर्वधर्म दामखेड़ा निवासी राजेश राजवंशी के साथ मिलकर वारदात करना कबूल किया। संतू ने बताया कि उसने खुद दराज में रखे रुपए निकालकर राजेश को दिए थे। आरोपियों से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई है।
खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया था:संतू ने पुुलिस को बताया है कि उसने खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया और बाद में बेहोशी का स्वांग रचा। ताकि किसी को हकीकत पता न चल सके।
रुपए देखकर लालच आ गया था:संतू ने बताया कि दुकान के मालिक राजा मरेले ने जब दराज में रुपए रखे तो उसे लगा कि इन रुपयों को पाकर उसकी जिंदगी बदल जाएगी। लिहाजा उसने लालच में आकर वारदात करना तय किया। संतू ने यह भी बताया कि महीने भर पहले दुकान में दो लड़के लाल रंग की बाइक से आकर भैया को पूछ रहे थे। उसने लूटरों का हुलिया उन्हीं के रुप में बता दिया।
10 हजार के ईनाम की घोषणा:तीन दिनों के भीतर घटना का खुलासा कर देने पर दुकान मालिक राजा मरेले ने पुलिस की कार्यप्रणाली की तारीफ की और 10 हजार रुपए का ईनाम पुलिस को देने की घोषणा की। दुकान संचालक राजा मरेले ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर और सीएसपी शाहजहॉंनाबाद अरुण मिश्रा की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
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`दादा´ और `बबलू´ की पड़ताल जरुर करें
भोपाल। घर में किसी `दादा´ या `बबलू´ को काम पर रखने से पहले उसके बारे में पड़ताल जरुर कर लें। उस व्यक्ति की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को भी अनिवार्य रुप से दें। पता नहीं नौकर के वेश में आपके घर कोई लुटेरा आ धमका हो। किसी भी अजनबी की सूरत और शक्ल के आधार पर उस पर विश्वास किया जाना आपके लिए कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। गुफा मंदिर के पास दुकान के नौकर द्वारा रचे गए इस षडयंत्र ने िफर एक बार इसकी अनिवार्यता की ओर इशारा किया है। इतना ही नहीं इससे पहले कस्तूरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड के तार भी ड्रायवर से ही जुड़े थे। दरअसल कोहेिफजा पुलिस घटना के बाद जब दुकान मालिक से पूछताछ करने पहुॅंची तो पुलिस अधिकारियों को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ कि बीते 8 सालों से काम करने वाले संतू का सही नाम पता तक मालिक को नहीं मालूम था। दुकान मालिक उसे `दादा´ कहकर पुकारते थे और यही उसकी पहचान भी थी। खास बात तो यह है कि दादा उनके घर बीते 8 सालों से काम कर रहा था। जब दादा खुद को घायल कर अस्पताल पहुॅंचे तब उन्होंने अपना नाम संतू बताया। इस विषय में शाहजहानाबाद सीएसपी अरुण मिश्रा का कहना है कि लोगों को किसी भी अजनबी पर भरोसा करने से पहले उसका पुलिस वेरीिफकेशन जरुर कराना चाहिए। इससे किसी घटना के होने पर उसकी पड़ताल करने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि महीने भर पहले गोविंदपुरा इलाके के कस्तुरबा नगर में हुए गोलीकाण्ड में भी घटना के तार ठेकेदार अरुण पाण्डे के ड्रायवर से जुड़े थे। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुॅंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। ------------------------------------------------
व्यापारी के घर से उड़ाया 6 लाख का माल
भोपाल। हनुमानगंज इलाके में एक व्यापारी के घर से अज्ञात चोरों ने दो लाख रुपए नगदी और सोने-चॉंदी के आभुषणों सहित करीब 6 लाख रुपए का माल पार कर दिया। वारदात करने से पहले बदमाशों ने उस कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था, जिस कमरे में व्यापारी का परिवार सो रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। हनुमानगंज पुलिस के मुताबिक शांति नगर के मकान नंबर 11 ए निवासी नारायण वाधवानी रस्सी का कारोबार करते हैं। उनकी दुकान मंगलवारा थाने के पास है। गुरुवार को वह किसी काम से गाडरवाड़ा गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी और दो बेटे थे। नारायण शनिवार सुबह 4.15 बजे गाड़रवाडा से चलकर भोपाल स्टेशन पर उतरे और अपने बड़े बेटे सन्नी को फोन कर स्टेशन लेने आने को कहा। सन्नी ने जैसे ही दरवाजा खोलने की कोशिश की तो उसे पता लगा कि दरवाजे बाहर से बंद है। मम्मी और छोटे भाई को की मदद से दरवाजा तोड़कर वह अपने ड्राइंग रुम से बाहर आया तो देखा कि दूसरे कमरे की आलमारी खुली पड़ी है और ट्यूबलाईट जल रहे हैं। सामान भी बिखरा पड़ा है। उसने तुरंत पापा को फोन कर बताया कि वह ऑटो से आ जाएं। नारायण ने नवदुनिया को बताया कि आलमारी में रखे 1 लाख 90 हजार रुपए नगदी और सोने चॉंदी के आभुषण नदारद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 25 तोला सोने के जेवर आलमारी में रखे थे। नारायण ने बताया कि बदमाश संभवत: सामने के हिस्से से दीवार फांदकर भीतर घुसे होंगे और िफर दरवाजा खोलकर वे घर में प्रविष्ट हुए। इसके बाद उन्होंने ड्राइंग रुम का दरवाजा बंद कर उन्होंने वारदात की। नारायण के बेटे सन्नी ने बताया कि वह रात में 1 बजे तक जाग रहे थे। सुबह 4 बजे पापा का फोन आ गया। इसी बीच चोर घर में घुसे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
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